एक जनवरी से प्रदेश में डायरेक्ट बेनीफिट ऑफ ट्रांसफर ऑन एलपीजी (डीबीटीएल) योजना लागू हो जाएगी। योजना लागू होने के साथ ही एक जनवरी को उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिलेगी। गैस वितरकों का कहना है कि गैर रियायती सिलेंडर का स्टॉक आने के बाद ही वितरण शुरू किया जाएगा।
एक जनवरी से डीबीटीएल योजना लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को पूरी कीमत पर ही सिलेंडर लेना होगा। गैस सब्सिडी की राशि उपभोक्ताओं को वापस मिलेगी, लेकिन बैंक खाते में कब तक जाएगी यह अभी स्पष्ट नहीं है।
एजेंसी संचालकों का कहना है कि डीबीटीएल योजना शुरू होने के साथ ही सॉफ्टवेयर भी अपलोड होगा। वहीं, एजेंसियों पर गैर रियायती वाले सिलेंडरों का स्टॉक नहीं आ पाएगा। जिस वजह से गैस की आपूर्ति करने में दिक्कत आएगी। हालांकि दो जनवरी से स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
एक माह का मिल सकता है समय
एक जनवरी तक जिले के 70 फीसदी उपभोक्ताओं के ही डीबीटीएल योजना से जुड़ने की उम्मीद है। इस कारण योजना से नहीं जुड़ पाए उपभोक्ताओं को किस दाम पर गैस का सिलेंडर मिलेगा यह अभी स्पष्ट नहीं है। दून एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चमन लाल का कहना है कि अभी योजना की नई गाइड लाइन वितरकों को नहीं मिली है। मगर बैंक खाते से लिंक नहीं हो सके उपभोक्ताओं को एक माह का समय मिलने की उम्मीद है।
फार्म जमा करने उमड़े उपभोक्ता
डीबीटीएल योजना लागू होने की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है गैस एजेंसियों में भीड़ बढ़ने लगी है। सोमवार को शहर की तमाम एजेंसियों में लोगों ने घंटों लाइन में लगकर फार्म जमा किए। कई एजेंसियों में पैर रखने की जगह नहीं थी। हाल यह रहा कि एजेंसियों में फार्म जमा करने के बाद सिस्टम में डाटा अपलोड करने के लिए रात 9 बजे तक काम चलता रहा। चुग गैस एजेंसी के विनेश कुमार ने बताया कि सोमवार को करीब 450 लोगों ने फार्म जमा किए।