दिवंगत कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र राकेश के भाई सुबोध राकेश ही अब उनकी राजनीतिक विरासत को संभालेंगे। भाभी ममता सहित पूरे परिवार ने सुबोध के नाम पर मोहर लगा दी है।
इस बाबत प्रेस कांफ्रेंस कर इन्होंने कहा कि परिवार में कोई विवाद नहीं है। इसके साथ ही अब सुबोध राकेश के चुनाव लड़ने को लेकर गतिरोध खत्म हो गए हैं।
काफी समय से भगवानपुर विधानसभा के उपचुनाव में खड़े होने को लेकर दिवंगत कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र राकेश के परिवार में उनकी पत्नी ममता राकेश और भाई सुबोध राकेश के टिकट को लेकर विवाद की चर्चा हो रही थी।
सुरेंद्र चाहते थे भाई संभाले विरासत
कहा जा रहा था कि परिवार में चुनाव लड़ने को लेकर आपस में विवाद है। लेकिन बृहस्पतिवार को सुबोध राकेश की भाभी सहित पूरे परिवार ने यहां स्थानीय होटल में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन कर सभी प्रकार के गतिरोध पर विराम लगा दिया।
प्रेस कांफ्रेंस में दिवंगत मंत्री की पत्नी ममता राकेश और भाई सुभाष राकेश ने साफ किया कि परिवार में कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने बताया कि खुद मंत्री यही चाहते थे कि उनकी विरासत उनका छोटा भाई संभाले। हमारा आशीर्वाद सुबोध के साथ है। अब इस सीट पर टिकट की दावेदारी पूरी तरह सुबोध राकेश की है।
कहा, पिताजी पुराने कांग्रेसी
इस मौके पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए सुबोध राकेश ने कहा कि कुछ लोग पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ता के नाम पर टिकट की दावेदारी कर रहे हैं लेकिन उनसे पुराने कांग्रेसी मेरे पिता कलीराम राकेश रहे हैं। जिन्होंने क्षेत्र में कांग्रेस की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण काम किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भरोसा जताती है तो वह क्षेत्र के विकास के लिए भरसक प्रयास करेंगे।