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'हरिद्वार में नेताजी की मौत की गुप्त फाइलों की मांग'

Sat, 18 Jan 2014 02:06 PM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
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ऑल इंडिया लीगल एड फोरम के महासचिव और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता जयदीप मुखर्जी ने एक प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि भारत सरकार किसके डर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस से संबंधित 36 गुप्त फाईले छुपा रही है।
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उन्होंने आईएनए और उसके सुप्रीम कमांडर बोस को स्कूली पाठयक्रम में शामिल करने की मांग उठाई। वहीं उनके जन्मदिवस 23 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की वकालत की।

सरकार को किससे डर
प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान जयदीप ने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल किया कि तीन-तीन जांच आयोग की रिपोर्ट को रद्द किए जाने का नाटक आखिर कब तक चलता रहेगा।
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उन्होंने कहा कि तथाकथित वायुयान दुघर्टना में नेताजी की मौत होने के बाद सोवियत रूस में नेताजी के जिंदा होने से संबंधित 36 फाईलों को अति गोपनीय बताकर कब तक छुपाया जाएगा। आखिर सरकार को किस बात का भय सताता है।

वहीं दूसरी तरफ नेताजी से संबंधित तमाम रिपोर्ट्स को 2021 तक प्रकाशित नहीं करने के लिए भारत सरकार ब्रिटेन के आगे नतमस्तक क्यों है?

मांगा हिसाब
महासचिव जयदीप ने सुभाष चंद्र बोस के गायब होने के बाद सरकार से आजाद हिंद फौज की 2000 करोड़ रुपए की संपत्ति का हिसाब उजागर करने की मांग की।

नहीं हुई थी दुर्घटना
उन्होंने कहा कि जस्टिस एमके मुखर्जी की जांच रिपोर्ट में साबित हो चुका है कि 18 अगस्त 1945 को कोई वायुयान दुर्घटना नहीं हुई थी और न ही सुभाष की मृत्यु हुई। तो फिर 1945 से आज तक किन कारणों से जापान के रैनकोजी मंदिर में नेताजी की भस्म होने की बात कहकर हर साल चार करोड़ रुपया भेजा जा रहा है।

जयदीप ने केंद्र सरकार से नेताजी की मौत के रहस्य का पर्दाफाश करके देश को सच्चाई बताने की मांग की ताकि राष्ट्रीय वीर के रहस्य से पर्दा हट सके।

23 जनवरी राष्ट्रीय दिवस घोषित करने की मांग
जयदीप ने कहा कि नेताजी के जन्मदिवस 23 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाना चाहिए और स्कूली पाठक्रम में आजाद हिंद फौज और सुभाष को शामिल करके पढ़ाया जाए ताकि अगली पीढ़ियां अपने नेशनल हीरो को जान सकें।
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