सरकारी नौकरियों में राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण बहाल करने पर विचार करने के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन कर दिया गया है। उप समिति आरक्षण कोटे से राजकीय सेवा में लगे 1700 राज्य आंदोलनकारियों के बारे में भी विचार करेगी।
कार्मिक एवं सतर्कता विभाग बृहस्पतिवार तक उपसमिति के गठन का आदेश जारी कर सकता है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में गठित कमेटी में सरकार के दो अन्य मंत्री चंदन राम दास व सौरभ बहुगुणा के साथ अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री राधा रतूड़ी, सचिव न्याय के अलावा सचिव कार्मिक एवं सतर्कता शैलेश बगौली उपसमिति सदस्य सचिव होंगे।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand Corona Update: सीएम धामी ने ली कोरोना को लेकर बैठक, बूस्टर डोज अभियान चलाने सहित दिए ये निर्देश
उपसमिति को करना है इन मुद्दों पर विचार
- राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण बहाली के लिए क्या हों विकल्प। विधेयक लाया जाए, अध्यादेश या फिर अधिसूचना जारी की जाए
- आंदोलनकारी के आरक्षण कोटे से तैनात 1700 कर्मियों की नौकरी कैसे सुरक्षित बनी रहे।
- अदालत के आदेश के बाद सेवा से बाहर कर दिए गए कार्मिकों के बारे में क्या हो?
- आरक्षण कोटे से प्रतियोगी परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों के बारे में भी भी विचार होना है।