हाईकोर्ट द्वारा हड़ताल पर रोक लगाने पर संबंधी आदेश पर वकील अभी मंथन कर रहे हैं, लेकिन देहरादून बार एसोसिएशन के सचिव रघुवीर सिंह कठैत की मानें तो हड़ताल वकीलों का संवैधानिक अधिकार है।
उधर, दून में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अरसे से शनिवार को चली आ रही हड़ताल जारी रखने का फैसला किया गया है।
पहले से कम हुई है हड़ताल
रघुवीर सिंह कठैत कहते हैं कि वकीलों की हड़तालें पहले से बहुत कम हुई हैं। कर्मचारी और वकीलों दोनों के मामले अलग-अलग हैं। कर्मचारियों को वेतन मिलता है, जबकि वकीलों को वेतन नहीं मिलता। जो हड़तालें की जाती हैं वे वादकारियों के हित में की जाती हैं।
जारी रहेगी हड़ताल
उधर, हाईकोर्ट की अलग बेंच की मांग के लिए वर्ष 1983 से हर शनिवार को हड़ताल के बारे में दून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि एसोसिएशन कार्यकारिणी की बुधवार को बैठक हुई।
इसमें शनिवार को होने वाली हड़ताल पर चर्चा की गई। बैठक में एक प्रस्ताव बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड को भेजकर सुझाव मांगा गया है। कोई दिशा निर्देश न आने तक हड़ताल जारी रहेगी।