हड़ताली कर्मचारियों को लेकर हाईकोर्ट के एस्मा लगाकर कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश के बावजूद उत्तराखंड सरकार ऊहापोह में है।
सरकार को फैसले की प्रतीक्षा
वह अभी इसके नफे-नुकसान का तखमीना लगा रही है। हरीश रावत सरकार उत्तराखंड को हड़ताली प्रदेश की छवि से मुक्ति तो दिलाना चाहती है लेकिन हड़ताली कर्मचारी से निपटने के लिए कड़ाई से बच रही है। फिलहाल कोशिश यह है कि अपील से काम चल जाए और हड़ताली काम पर आ जाएं।
मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि कर्मचारियों से अपील की गई है। सरकार को उनके फैसले की प्रतीक्षा है। उम्मीद है हड़ताली कर्मचारी जनमानस की दिक्कतों और प्रदेश की बेहतरी के लिए जल्द हड़ताल समाप्त कर देंगे।
दूसरी ओर हड़ताली कर्मचारियों से निपटने के लिए कार्मिक विभाग की ओर से एक फाइल सीएम कार्यालय भेजी गई थी। जिसमें सभी विभागों में हड़ताल केमद्देनजर कार्मिक विभाग ने सेवा आचरण नियमावली का हवाला देकर कार्रवाई करने की मंजूरी मांगी थी।
सूत्रों के मुताबिक यह फाइल भी बिना मंजूरी वापस आ गई है। हालांकि सीएम कार्यालय की नोटिंग में कार्रवाई के लिए विस्तार से नियम-कानून की जानकारी मांगी है।