फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: सख्त नकलरोधी कानून से बढ़ा युवाओं का भरोसा, जानें क्या बोले PCS परीक्षा में सफल रहे अभ्यर्थी

Mon, 02 Sep 2024 08:08 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून

सार

भर्तियों में नकल माफियाओं के सक्रिय होने से युवाओं का विश्वास टूट रहा था। इस बार पीसीएस परीक्षा में सफल रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि कानून ने पात्र व योग्यता के आधार पर सफल होने की गारंटी दी।
विज्ञापन
परीक्षा - फोटो : freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश में सख्त नकलरोधी कानून से अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और लोक सेवा आयोग की भर्तियों पर युवाओं का भरोसा बढ़ने लगा है। भर्ती परीक्षाओं में नकल माफियाओं के सक्रिय होने और पेपर लीक से सरकारी नौकरियों में चयन को लेकर युवाओं का विश्वास टूट गया था। लेकिन राज्य में नकलरोधी कानून लागू होने के बाद भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी थमीं है।

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और लोक सेवा आयोग की कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने पर प्रदेश सरकार चयन प्रक्रिया और भर्ती रद्द करनी पड़ी है। नकल माफिया सक्रिय होने पर प्रदेश सरकार ने देश भर में सबसे सख्त नकलरोधी कानून लागू किया। जिसमें पेपर लीक की घटना रोकने के लिए सख्त उम्र कैद या 10 साल कैद की सजा का प्रावधान किया।

विज्ञापन


इसके साथ ही 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अभ्यर्थी के नकल के जरिए परीक्षा पास करने पर 10 साल का प्रतिबंध लगाने का प्रावधान किया गया। पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले अभ्यर्थियों ने देश में सबसे पहले नकलरोधी कानून लाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।

विज्ञापन

छात्रों से बातचीत
मैं वर्तमान में अल्मोड़ा में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत हूं। मेरा वित्त अधिकारी के पद पर चयन हुआ है। मैं मुख्यमंत्री का धन्यवाद करना चाहूंगी, जिनकी पहल पर नकल विरोधी कानून लाया गया। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ी है। -आयुषी जोशी, अल्मोड़ा

मेरा चयन डीएसपी के पद पर हुआ है। मैं बीटेक की छात्रा रही हूं। सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आए। इस कानून के लागू होने से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता आई है। परीक्षा की तैयारी में जुटे सभी अभ्यर्थियों को निश्चिंत होकर मेहनत के साथ पढ़ाई में जुट जाना चाहिए। -दीप्ति कैड़ा, देहरादून

ये भी पढ़ें... Haridwar: माधोपुर प्रकरण में CBI जांच की मांग को लेकर धरने पर बैठे कांग्रेसी, हरीश रावत भी पहुंचे
 

पीसीएस परीक्षा में मेरा चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ है। नकलरोधी कानून के बाद प्रतियोगी परीक्षाएं त्वरित व पारदर्शी तरीके से हो रही हैं। इस कानून ने पात्र व योग्य अभ्यर्थियों को सफल होने की गारंटी दी है। चाहे वह किसी भी जाति या वर्ग का हो या गरीब व अमीर वर्ग का हो। -अलकेश नौडियाल, अल्मोड़ा

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें