हरिद्वार में भी गणतंत्र के कई प्रहरी रहे हैं। वे न होते तो विख्यात औद्योगिक प्रतिष्ठान बीएचईएल और आईडीपीएल इस क्षेत्र में न आते, जिन्होंने प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू के कंधे से कंधा मिलाकर काम किया, गणतंत्र उनका भी ऋणी है।
प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के घनिष्ठ मित्र हीरा वल्लभ त्रिपाठी और शांति प्रपन्न शर्मा ने गणतंत्र की घोषणा के बाद हरिद्वार बनाने का कारनामा कर दिखाया।
राज्य सभा सदस्य हरिद्वार के हीरा वल्लभ त्रिपाठी जब नेहरू से भेल हरिद्वार के लिए ले आए तो शांति प्रपन्न शर्मा ने जिद कर हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच आईडीपीएल मांग लिया।
हरिद्वार को निखारने का काम चेयरमैन के रूप में सरदार रामरक्खा, पन्ना लाल भल्ला, बलवंत सिंह, आत्माराम विद्याकुल, सुरजी बाबू, आनंद प्रकाश शर्मा, हरि दत्त बहुगुणा आदि अनेक महापुरुषों ने किया। दून के सांसद महावीर त्यागी भी नेहरू के मुंह लगे थे।