लक्ष्मी को अब फुटपाथ कि जिंदगी नहीं गुजारनी पड़ेगी। नगर निगम के स्वच्छता अभियान की इस छोटी सी ब्रांड एंबेसडर की कहानी दिल छू लेने वाली है। पढ़िए...
बेस अस्पताल के सामने फुटपाथ पर रह रही सात साल की लक्ष्मी और उसके माता-पिता 31 अक्तूबर को जितने खुश थे उससे कहीं ज्यादा खुशी मंगलवार को उनके चेहरे पर देखने को मिली। तब लक्ष्मी को नगर निगम ने स्वच्छता अभियान के लिए अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया था और मंगलवार को उसकी मदद करने वालों का तांता लगा था।
मदद भी ऐसी जिसकी इस परिवार ने कभी कल्पना भी नहीं की थी। भीख मांगने वाली लक्ष्मी अब शहर के नामचीन सेंट पॉल स्कूल में पढ़ सकेगी और छात्रावास में रहेगी। उसका परिवार अब सर्द रातें फुटपाथ पर नहीं काटेगा। माता-पिता अब नगर निगम के रैन बसेरे में रहेंगे।
अमर उजाला ने बाल दिवस के अवसर पर खबर प्रकाशित की थी कि लक्ष्मी को नगर निगम की ब्रांड एंबेसडर बनाने की घोषणा के बाद सब भूल गए हैं। वह अभी भी सड़क किनारे भीख मांग रही है। इसका संज्ञान लेकर न सिर्फ समाजसेवी सक्रिय हुए बल्कि प्रशासन के अधिकारी भी हरकत में आए।