उत्तराखंड में युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल पाएंगे। राज्य में बंपर भर्तियां निकलने जा रही है। युवा आवेदन भरने को तैयार रहे। मेट्रो सिटी की तर्ज पर उत्तराखंड में कॉल सेंटर के माध्यम से पढ़े लिखे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
इस क्षेत्र में सेवाएं देने वाली नामी कंपनियों ने राज्य में निवेश के लिए हामी भरी है। सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में जिला मुख्यालय स्तर पर कॉल सेंटर खोलने की मंजूरी दी है।
जिला स्तर पर कॉल सेंटर की संभावना और इंटरनेट जैसी सेवाओं का जायजा लेने के लिए जल्द ही कंपनियों की ओर से उत्तराखंड का दौरा किया जाएगा। निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पॉलिसी के अनुसार कंपनियों को सुविधाएं प्रदान करेगी।
हाल ही में मुंबई में हुई सीआईआई की उच्च स्तरीय मीट में देश-विदेश के उद्यमियों व कंपनियों के सीईओ के साथ औद्योगिक विकास व विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को लेकर चर्चा की गई।
कंपनियां छोटे शहरों में निवेश करने को दे रही प्राथमिकता
उत्तराखंड की ओर से प्रमुख सचिव मनीषा पंवार समेत उद्योग विभाग के अफसरों ने उद्यमियों के सामने औद्योगिक निवेश के लिए कई प्रस्ताव रखे।
इस मीट में यह बात सामने आई कि मेट्रो सिटी में शिक्षित युवा रोजगार के लिए कॉल सेंटर से ज्यादा दूसरे सेक्टरों में जाना पंसद कर रहे हैं, जिससे कॉल सेंटर कंपनियों को आवश्यकता के अनुसार कर्मचारी नहीं मिल रहे हैं।
जिससे कंपनियां छोटे शहरों में निवेश करने को प्राथमिकता दे रही है। जहां पर सुविधा के साथ 24 घंटे की सर्विस के लिए शिक्षित युवा आसानी से उपलब्ध हो सकें।
इतना मिलेगा वेतन
jobs
इसके लिए कॉल सेंटर कंपनियों ने उत्तराखंड में निवेश को प्राथमिकता दी है। प्रदेश में सुविधाओं को परखने के बाद ही कंपनियों पर निर्भर करेगा कि वे कितना निवेश कर कॉल सेंटर स्थापित करेगी। कॉल सेंटर खुलने से पर्वतीय क्षेत्रों में युवाओं को घर द्वार पर ही रोजगार के अवसर मिलने से पलायन की समस्या दूर होगी।
प्रदेश में कॉल सेंटर खुलने से कौशल दक्षता के आधार पर युवक को कम से कम 8000 से 10000 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा। जिला मुख्यालय स्तर पर कॉल सेंटर खोलने की काफी संभावना है।
कंपनियों को कॉल सेंटर के लिए हाई स्पीड इंटरनेट सर्विस की जरूरत है। जोकि सभी जिला मुख्यालयों पर उपलब्ध है। कंपनियों को आईटी पॉलिसी के अनुसार क्या सुविधाएं दी जा सकती हैं। इस पर विचार किया जा रहा है।
-मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव, उद्योग विभाग