एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि सभी ऑडियो-वीडियो की जांच होनी आवश्यक है। लिहाजा सभी ऑडियो-वीडियो को सीएफएसएल चंडीगढ़ भेजा जाएगा। उसके बाद स्थिति साफ हो पाएगी कि यह स्टिंग है या समाचार संबंधी कोई ऑडियो-वीडियो है।
इधर, पुलिस ने गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मोदीनगर और देहरादून में उमेश कुमार शर्मा के ठिकानों और फार्म हाउसों की तलाशी ली। यहां से भी पुलिस को कुछ संदिग्ध चीजें बरामद हुई हैं।
बताया जा रहा है कि मोदीनगर स्थित एक मकान से पुलिस ने कुछ चिप व खुफिया कैमरे बरामद किए हैं। इनमें स्पाई रिकॉर्डिंग, पेन कैमरे और पेनड्राइव शामिल हैं। इन सब की बरामदगी के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। यही नहीं कई विभागों में भी इस बात को लेकर चर्चा है कि इन रिकॉर्डिंग का सच सामने आता है तो राजनीतिक ‘उथल-पुथल’ भी मच सकती है।