पेयजल, स्वास्थ्य विभाग में लागू है व्यवस्था
जल संस्थान हर साल दस प्रतिशत के हिसाब से पानी की दरों में बढ़ोतरी करता है। इसका अलग से कोई प्रस्ताव नहीं होता। इसी प्रकार, सरकारी अस्पतालों में ओपीडी शुल्क व अन्य जांचों का शुल्क भी हर साल दस प्रतिशत के हिसाब से बढ़ जाता है। परिवहन मुख्यालय भी इसी तरह का प्रस्ताव लाया है।
आरटीए के परमिट, सजा के नियमों में आएगी एकरूपता
प्रदेश में अभी तक आरटीए के अलग-अलग नियम हैं। इन नियमों से लोगों को परेशानी होती है। आरटीए गढ़वाल में टैक्सी का परमिट तो आसानी से मिल जाता है लेकिन विक्रम के परमिट के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है। कुमाऊं में विक्रम का परमिट आसानी से मिल जाता है लेकिन टैक्सी के लिए इंतजार करना पड़ता है। इसी प्रकार, अलग-अलग नियमों के उल्लंघन में गढ़वाल और कुमाऊं में अलग-अलग सजा के प्रावधान भी हैं। परिवहन मुख्यालय ने इनमें एकरूपता लाने का प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है। यह प्रस्ताव भी एसटीए की बैठक में रखा जाएगा।
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किराया बढ़ोतरी में कई-कई साल लगने की वजह से अधिक बढ़ोतरी का दबाव रहता है। जल संस्थान, अस्पतालों की तरह यहां भी किराया बढ़ोतरी हर साल ऑटोमैटिक करने का प्रस्ताव तैयार एसटीए में लाया जा रहा है। इसी प्रकार, आरटीए से जुड़े नियम पूरे प्रदेश में एक समान किए जा रहे हैं।
-सनत कुमार सिंह, संयुक्त परिवहन आयुक्त, परिवहन मुख्यालय