राज्य मानवाधिकार आयोग ने एक राष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ी के यौन उत्पीड़न के मामले में उत्तराखंड के खेल सचिव को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। इस मामले में उत्तराखंड जूडो एसोसिएशन के दो पदाधिकारी आरोपी हैं। आयोग ने यह आदेश 13 अक्तूबर को जारी किया।
पीड़ित खिलाड़ी की ओर से अधिवक्ता आशु पाठक ने आयोग के सामने प्रार्थनापत्र देकर पक्ष रखा कि इस मामले में कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के तहत आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) गठित नहीं की गई। ये बेहद गंभीर तथ्य है। पीड़िता ने एसोसिएशन के कोच और सचिव पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इस संबंध में थाना राजपुर में मुकदमा दर्ज है और विवेचना अभी चल रही है।
आयोग के सदस्य राम सिंह मीणा ने बताया कि प्रकरण पर आयोग ने संज्ञान लिया है और खेल सचिव से 20 नवंबर तक अपनी आख्या (रिपोर्ट) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता ने आयोग से अनुरोध किया है कि एसोसिएशन को यौन उत्पीड़न अधिनियम के अनुपालन में तत्काल आईसीसी गठित करने का निर्देश दिया जाए। साथ ही राज्य के सभी खेल निकायों को भी महिला एथलीटों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए अधिनियम का अनिवार्य रूप से अनुपालन करने का निर्देश दिया जाए।