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लेपर्ड को किया पस्त, सरकार से पस्त

Sun, 26 Jan 2014 06:08 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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लेपर्ड के जबड़े से खुद और बहन की जान बचाने वाले बहादुर बेटे प्रियांशु को दिल्ली और मुंबई में सम्मान मिला, लेकिन राज्य सरकार ने पूछा तक नहीं।
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प्रियांशु के पिता आरके जोशी सेना से रिटायर हैं। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार ने न तो सम्मान दिया न आर्थिक मदद।  

राष्ट्रपति से मिला पुरस्कार
प्रियांशु की बहादुरी पर 22 जनवरी 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रक्षामंत्री, आर्मी चीफ ने सम्मानित किया। उसे जीवन रक्षक पदक और सीआईडी पुरस्कार मिला।

आरके जोशी ने बताया कि मुंबई में फिल्म अभिनेत्री आशा पारिख और दिल्ली में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सम्मानित किया। मगर उत्तराखंड में अनदेखी हुई।  

पेंशन पर चल रहा परिवार
प्रियांशु सेना में अफसर बनना चाहता है। उसकी मां नहीं हैं और पिता भी रिटायर हो चुके हैं। दोनों बच्चों की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। परिवार का खर्च उनकी पेंशन से चल रहा है।
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स्कूल बैग मार-मार कर भगाया था लेपर्ड
केंद्रीय विद्यालय आईएमए के दसवीं में पढ़ रहे प्रियांशु उस वक्त 10 साल का था और छठी में पढ़ रहा था। उसकी बहन सातवीं में थी।

एक जुलाई 2009 को स्कूल जाते वक्त लेपर्ड ने दोनों पर हमला कर दिया था। मगर नन्हें प्रियांशु ने अपने बैग से लेपर्ड पर हमला बोल दिया। इस बीच पीछे से सेना की गाड़ी आते देख लेपर्ड भाग निकला।
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