क्या कहते हैं स्ट्रीट वेंडिंग से जुड़े लोग
राज्य सरकार के संरक्षण में नगर निगम प्रशासन की ओर से पिंक वेंडिंग जोन विकसित किया गया। मूलभूत सुविधा जैसे बिजली, पानी शौचालय, सीसीटीवी कैमरे, सौंदर्यीकरण जो कि विकास प्राधिकरण की ओर से किया जाना था वह नहीं हो पाया। इसी कारण लाभार्थी महिलाओं द्वार इसके लिए कई बार आवाज उठाई गई। आज रखरखाव न होने के कारण पिंक वेंडिंग जोन की उपयोगिता सार्थक सिद्ध नहीं हो सकी। इस पर शासन को विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। - संजय चोपड़ा, प्रांतीय अध्यक्ष, लघु व्यापार एसोसिएशन
दुकानों में सामान रखकर लाभार्थी आज भी घाटों पर ही व्यापार कर रहे हैं। सभी प्रकार की सुविधाएं वेंडिंग जोन में विकसित की गई हैं। जल्द ही उन लाभार्थियों को चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी, जिन्होंने आवंटन के बाद दुकानें नहीं खोलीं। इसके साथ यह भी प्रयास किया जाएगा कि जो वास्तव में इसके पात्र हैं उन्हें आवंटित किया जाए। कोशिश की जाएगी कि जिन्होंने दुकानें नहीं खोली या इसका दुरुपयोग कर रहे हैं उनका आवंटन निरस्त कर दिया जाए। -दयानंद सरस्वती, मुख्य नगर आयुक्त
ये भी पढ़ें...केदारनाथ हेली सेवा: चार दिन में ही टिकटों की बुकिंग फुल, आईआरसीटीसी ने 27 सितंबर को खोला था बुकिंग पोर्टल
महिला पिंक वेंडिंग जोन के लिए एक लाख 60 हजार रुपये महिलाओं ने किस तरह से दिया यह वही जानती हैं। इसके बावजूद उन्होंने वेंडिंग जोन में असुविधाओं के चलते दुकानें नहीं खोलीं। बीते चार पांच माह पूर्व पांच दुकानें जलकर राख हो गई थीं। सुविधाओं में मुख्य रूप से शौचालय की समस्या है। महिला पिंक जोन फाइबर का बनाया गया, जबकि इसे लोहे से सुंदर बनाया जाना था। शासन की योजना के अनुरूप निर्माण कार्य भी नहीं किया गया। - तोमर, प्रदेश अध्यक्ष, मां भागीरथी रेहड़ी पटरी खोखा एसोसिएशन