सरकार द्वारा राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कर्मचारियों को मनाने की पहल नाकामियाब साबित हुई। सात मांगों पर शासन के सहमति जताने के बावजूद कर्मचारियों के रुख में बदलाव नहीं हुआ है।
आंदोलन जारी रहेगा
उन्होंने ऐलान किया है कि सभी मांगों का निस्तारण होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वेतन विसंगति दूर करने समेत कई मांगों पर आंदोलनरत कर्मचारी बुधवार को परेड ग्राउंड में धरने पर बैठे।
प्रांतीय प्रवक्ता अरुण पांडे ने कहा कि बुधवार को शासन ने सात मांगों पर सहमति जताते हुए जीओ जारी करने का भरोसा दिलाया है।
तीन पदोन्नति वेतनमान की मांग
प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रह्लाद सिंह ने कहा कि जब तक पूरे सेवाकाल में अनिवार्य रूप से तीन प्रमोशन या तीन पदोन्नति वेतनमान का शासनादेश जारी नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। कहा कि जल्दी कार्रवाई न हुई तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
सभी विभागों का कामकाज ठप कर दिया जाएगा। धरने पर डीएस असवाल, बीडी जोशी, आरएस बिष्ट, राधेश्याम पैन्युली, पुष्पलता शर्मा, मधु बिष्ट, राजीव शुक्ला, उमेश थपलियाल, ओमवीर सिंह, शेषनाथ यादव आदि बैठे।
ये रहे क्रमिक अनशन पर
बुधवार को लोक निर्माण विभाग के दैनिक एवं नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ, होटल मैनेजमेंट, मत्स्य कर्मचारी संघ एवं डिप्लोमा पशु चिकित्सा संघ के कर्मचारी क्रमिक अनशन पर रहे।
शासन ने मांगा समय
अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने बुधवार को कर्मचारियों से वार्ता में मांगों के निस्तारण के लिए समय मांगा। हालांकि, कर्मचारियों ने शासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
वार्ता में ठाकुर प्रहलाद सिंह, प्रदीप कोहली, अरुण पांडे, अंजू बडोला, बीडी जोशी, डीएस असवाल आदि शामिल रहे।
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