राज्य स्टार्ट अप काउंसिल ने सात कंपनियों को स्टार्ट अप के रूप में मंजूरी दी है। जिसमें सनफॉक्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, स्थिति इनोवेशन, वेल्थ स्टेट्स टेक्नोलॉजी, एग्रीकैफे बिजनेस, मैस्ट्रो ट्रैवल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड, मौक्सी लैब व प्रवर्तन टेक्नोलॉजी प्रावइेट लिमिटेड है। अपने इनोवेशन आइडिया को उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए युवाओं ने ये कंपनियां बनाई है।
उत्पाद की मार्केटिंग के लिए सरकार देगी पांच लाख
उत्तराखंड में स्टार्ट अप को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार ने स्टार्ट अप नीति बनाई है। जिसमें काउंसिल के माध्यम से मान्यता प्राप्त स्टार्ट अप को ‘ए’ श्रेणी के जिलों में व्यवसाय स्थापित करने के लिए मासिक भत्ता मिलेगा।
जिसमें सामान्य वर्ग को 10 हजार, एससी, एसटी, महिला, दिव्यांग वर्ग को 15 हजार (प्रति स्टार्ट अप) मासिक भत्ता एक साल तक दिया जाएगा। इसके साथ ही नए उत्पाद की मार्केटिंग के लिए सामान्य वर्ग के स्टार्ट अप को 5 लाख और एससी, एसटी व महिला वर्ग को 7.5 लाख तक की सहायता सरकार देगी। एमएसएमई नीति के अनुसार स्टांप ड्यूटी में छूट भी मिलेगी।
स्टार्ट अप उद्यमी की ओर से प्रदेश के भीतर ही माल की आपूर्ति करने पर एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति की जाएगी। मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटरों को तीन साल की अवधि तक संचालन एवं प्रबंधन खर्च के रूप में दो लाख प्रति वर्ष देगी। स्टार्ट अप पॉलिसी अधिसूचना जारी होने के सात साल तक लागू रहेगी।
25 करोड़ से अधिक टर्न ओवर वालों को मान्यता नहींस्टार्ट अप नीति में नई कंपनी को स्टार्ट-अप माना जाएगा। पंजीकरण की तिथि से सात वर्ष की अवधि वाली फर्म, संस्था या कंपनी स्टार्ट अप के लिए पात्र होगी। लेकिन जैव प्रौद्योगिकी सेक्टर के लिए यह अवधि पंजीकरण तिथि से 10 वर्ष तक होगी। सालाना टर्न ओवर 25 करोड़ से अधिक नहीं होना चाहिए। पहले मौजूद किसी व्यवसाय के विभाजन व पुनर्निर्माण के माध्यम से बनाई गई फर्म या संस्था को स्टार्ट अप नहीं माना जाएगा।