कौन ले सकता है लाभ
लाभार्थी को सहकारी समिति का सदस्य होना अनिवार्य है। महिलाओं को वरीयता दी जाएगी।
चयनित लाभार्थी का संबंधित एमपैक्स के साथ कोई बकाया ऋण नहीं होना चाहिए।
अपनी जमीन या पट्टे की जमीन होनी चाहिए।
केवाईसी के लिए जरूरी दस्तावेज होने चाहिए।
कौन विभाग क्या करेगा
पहले चरण में एमपैक्स (सहकारी) चिह्नित 2,000 लोगों को दीनदयाल उपाध्याय ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। इससे पोल्ट्री शेड निर्माण और अन्य जरूरी खर्च के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
पशुपालन विभाग एक दिन के चूजों को एक माह तक पालने के बाद लाभार्थियों को वितरण करेगा। दाना भी उपलब्ध कराएगा।
बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं। तैयार मुर्गियों को एम पैक्स खरीदेगा।
उत्तराखंड में मुर्गियां नजीबाबाद और बिजनौर से आ रही हैं। सरकार की ओर से प्रयास किया जा रहा कि स्थानीय स्तर पर पोल्ट्री किसानों को मदद दी जाए, ताकि उनकी आमदनी दोगुनी हो और पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रुक सके।
- डॉ. धन सिंह रावत, सहकारिता मंत्री
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योजना के लागू होने से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सहकारिता और पशुपालन विभाग ने मिलकर किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए इसकी पहल की है। यह योजना स्वरोजगार का बढ़िया जरिया बनेगी।
- सौरभ बहुगुणा, पशुपालन मंत्री