गोल खातों से जमीन सत्यापन को चुनौती
प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में गोल खाते होने के कारण किसानों की जमीन का सत्यापन करना बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। पहाड़ों में एक ही खसरा नंबर पर कई परिवारों के नाम हैं। ऐसे में सत्यापन करना राजस्व और कृषि विभाग के लिए मुश्किल भरा होगा।
ये नहीं ले सकते सम्मान निधि का लाभ
पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ पाने के लिए किसान आयकरदाता नहीं होना चाहिए। इसके अलावा राजकीय सेवा में कार्यरत व 10,000 से अधिक पेंशन पाने वाले पेंशनर, विधायक, लोकसभा व राज्यसभा सांसद, वर्तमान व पूर्व मंत्री, किसी सांविधानिक पदधारक को सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल सकता है।
प्रदेश में सभी खाता खतौनी का रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जा चुका है। केंद्र सरकार ने सम्मान निधि के लिए किसान के नाम से जमीन होना अनिवार्य कर दिया है। जिस किसान का नाम खतौनी में नहीं होगा, उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
- चंद्रेश कुमार, राजस्व आयुक्त एवं योजना के राज्य नोडल अधिकारी