एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) के सीटीसी (केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र) में 21वें उप निरीक्षक (सीधी भर्ती) बैच का दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। बल के सीमांत मुख्यालय रानीखेत के महानिरीक्षक (आईजी) चांस केशिंग ने प्रशिक्षुओं के पासिंग आउट परेड (पीओपी) की सलामी ली। परेड के बाद नवागंतुक 64 अधीनस्थ अधिकारी विधिवत रूप से बल मेें शामिल किए गए।
बृहस्पतिवार सुबह एसएसबी सीटीसी के परेड ग्राउंड में दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईजी चांस केशिंग ने शहीद स्मृति स्थल पर बल के शहीद जवानों को पुष्पांजलि अर्पित की। प्रशिक्षुओं ने मुख्य अतिथि को सलामी दी। इसके बाद उन्होंने परेड का निरीक्षण किया। सीटीसी के कमांडेंट यतेन नेगी ने प्रशिक्षुओं को राष्ट्र ध्वज और निशान के समक्ष पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन करते हुए आईजी केशिंग ने कहा कि एसएसबी भूटान और नेपाल की सीमा में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा का दायित्व संभाल रही है। दोनों ही मित्र राष्ट्र हैं। ऐसे में उनके समक्ष अलग प्रकार की चुनौतियां है। खुली सीमाओं में सुरक्षा जटिल कार्य है। बल कर्मी इस काम में दक्ष हैं।
सीटीसी के डीआईजी सृष्टिराज गुप्ता ने बताया कि 64 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को 48 सप्ताह का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण अवधि में उन्हें मानसिक एवं शारीरिक तौर पर क्षमता प्रदान करने के साथ ही उनकी सोच को सकारात्मक रखने का प्रयास किया गया है। उन्हें निडर बनाने के लिए साहसिक गतिविधियों जैसे घुड़सवारी, तैराकी, पर्वतारोहण एवं ड्राइविंग का अभ्यास कराया गया है। परेड के बाद मुख्य अतिथि आईजी केशिंग और डीआईजी गुप्ता ने उप निरीक्षकों के कंधों पर दो स्टार लगाए।