धर्मनगरी हरिद्वार में भक्तिरस में डूबी कई महिला विभूतियों ने अपना ‘वैलेंटाइन’ कभी कान्हा तो कभी भोले बाबा को बना कर अपना पूरा जीवन दिव्य प्रेम को समर्पित कर दिया है।
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कोई गंगा प्रेम में इस कदर डूबा कि ताउम्र उबर नहीं पाया। परमात्मा की अनंत साधना में लीन कई भक्तिनें अपने ढंग से ‘वैलेंटाइन डे’ मना रही हैं।
कान्हा के प्रेम में बिता दिया जीवन
ढाका से आकर आनंदमयी (मां) बनी साध्वी को भला कौन नहीं जानता। उन्होंने पूरा जीवन कान्हा और गंगा के प्रेम में बिता दिया।
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पूर्व उपराष्ट्रपति गोपाल स्वरूप पाठक की युवा पुत्रियां अरुणा और शांता तमाम वैभव छोड़कर मां आनंदमयी की शरण में आ गई और गंगा की होकर रह गई। युवा शांता ने तो यहीं प्राणों का उत्सर्ग कर दिया। अरुणा आज भी साधना में लीन हैं।
गंगा मां को समर्पित
भागीरथी नगर की रानी मां लाहिड़ी महाशय की परंपरा से जुड़ी थीं। रानी मां ने कब हरिद्वार आकर स्वयं को गंगा को समर्पित कर दिया। रानी मां आज भी भक्ति का पर्याय बनी हुई हैं।
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स्वामी रामकृष्ण परमहंस की परंपरा में दीक्षित मां ज्ञानमयी ने पूरा जीवन वेदांत को समर्पित कर दिया। कनखल के आश्रम में रह रही ज्ञानमयी सरीखे वेदांत के विद्वान उत्तर भारत में बहुत कम हैं।
भोले की ही होकर रह गई
पिथौरागढ़ के बड्डा ग्राम की संतोषी सात वर्ष की आयु में घर से निकल कर भक्ति की धारा में बह चुकी हैं। मां संतोषी शिव की ससुराल कनखल में क्या आईं, भोले की ही होकर रह गई।
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जालंधर से गंगा नहाने आई मां सुमित्रा की साधना भी अद्भुत है। गंगा की प्रेमडोर से ऐसी खिंचीं कि वापस नहीं लौटीं। उनकी साधना की धारा कनखल के गंगा तट पर बहने लगी।
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इसी तरह सदानंदमयी, राधिका, अजरा, मैत्रेयी, प्रवर्तिका आदि कन्हैया प्रेमियों ने अपने जीवन की बागडोर गृहस्थ को सौंपने के बजाय कान्हा को सौंप दी।
‘जश्न-ए-इश्का’ आज
साल भर में आने वाला प्यार का दिन आ ही गया। ‘जश्न-ए-इश्का’ यानी वेलेंटाइन डे पर युवा जोड़े एक दूसरे से प्यार जताकर जिंदगी भर साथ देने का वायदा करेंगे।
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करीब एक हफ्ते से इस खास दिन के इंतजार में बाजार भी सज-धज चुका है। फूल, चॉकलेट, गिफ्ट की भी खूब खरीदारी की उम्मीद है।
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इससे पहले गुरुवार को युवाओं ने किस डे मनाया। एक सप्ताह तक अलग-अलग डे मनाने के बाद शुक्रवार को वेलेंटाइन डे की तैयारी मुकम्मल है। इसके लिए बाजार में आकर्षक उपहारों संग बुके भी सज गए हैं। लोगों ने ऑनलाइन बुकिंग भी करा ली है।
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शुक्रवार को कई जोड़े एक-दूसरे को सरप्राइज गिफ्ट देंगे तो कुछ दिन को यादगार बनाने के लिए घूमने या फिल्म देखने की प्लानिंग भी कर चुके हैं। रेस्टोरेंट, पिकनिक स्पॉट और मल्टीप्लेक्सेस भी युवाओं को रिझाने के लिए खास तैयारी कर चुके हैं।
वैलेंटाइन पर शादी बन जाएगी खास
लक्ष्मण चौक स्थित एमडीडीए कॉलोनी की कीर्ति जायसवाल की शादी पीयूष पाठक से वैलेंटाइन डे यानी आज के दिन है।
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कीर्ति ने बताया कि वह चाहती थी कि उनकी शादी यादगार हो। वैलेंटाइन डे होने से मंगेतर भी बेहद खुश हैं। दोस्त भी कह रहे हैं कि प्यार के दिन शादी हो रही है, क्या बात है!