क्षैतिज आरक्षण दिए जाने संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा
कहा, उनके सामने किसी प्रकार की आर्थिक अड़चन नहीं आएगी। बैठक में मंत्री ने पूर्व में किए गए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी ली। इस दौरान स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फंड, खेल छात्रवृत्ति को जारी करना, खेल पॉलिसी के अंतर्गत जारी किए जाने वाले शासनादेश, खिलाड़ियों को क्षैतिज आरक्षण दिए जाने संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
मंत्री ने कहा, हम हर साल देवभूमि उत्तराखंड खेलरत्न पुरस्कार, देवभूमि उत्तराखंड द्रोणाचार्य पुरस्कार और लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से खिलाड़ियों को सम्मानित करते हैं। अब हिमालय पुत्र रत्न अवार्ड से भी खिलाड़ियों को सम्मानित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत छह खिलाड़ियों को एक-एक लाख रुपये की धनराशि से सम्मानित किया जाएगा।
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कहा, इसका प्रस्ताव बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। बैठक में विशेष प्रमुख सचिव खेल अभिनव कुमार, निदेशक खेल एवं युवा कल्याण विभाग जितेंद्र सोनकर, उप निदेशक युवा कल्याण शक्ति सिंह, संयुक्त निदेशक अजय अग्रवाल व अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।