उत्तराखंड की नदियों में हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए राज्य सरकार ने स्पेशल विजिलेंस फोर्स का गठन करने का फैसला लिया है। साथ ही रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में ईको टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।
सरकार की नींद अब टूटी
अवैध खनन को लेकर काफी समय से मच रहे शोर पर सरकार की नींद अब टूटी है। बुधवार को मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने मुख्य सचिव समेत शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।
मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि डीआईजी स्तर के अधिकारी की देखरेख में अवैध खनन रोकने को विशेष विजिलेंस फोर्स बनाई जाएगी। फिलवक्त इस फोर्स का मुखिया डीआईजी संजय गुंज्याल को नामित कर दिया गया है।
मुख्यालय देहरादून में
फोर्स का मुख्यालय देहरादून में होगा। यह कोटद्वार, हल्द्वानी, विकासनगर, हरिद्वार समेत राज्य के 10 स्थानों पर होने वाले अवैध खनन को नियंत्रित करने का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन को रोकने लिए पर्याप्त स्टॉफ के साथ ही फोर्स को सीसीटीवी कैमरा समेत अन्य आधुनिक उपकरण मुहैया कराए जाएंगे। फोर्स के लिए बजट आदि माइनिंग डिपार्टमेंट मुहैया कराएगा।
महिलाओं को पचास फीसदी आरक्षण
मुख्यमंत्री ने बताया कि रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में ईको टास्क फोर्स के गठन का भी फैसला लिया गया है। इसमें करीब 1500 लोगों को रोजगार दिया जाएगा। प्रशिक्षित गुरिल्लाओं को वरीयता दी जाएगी। महिलाओं को पचास फीसदी का आरक्षण रहेगा।
इसका काम संबंधित क्षेत्रों में ईकोलाजी के संरक्षण-संवर्द्धन का रहेगा। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ के लिए हरिद्वार में जमीन चिह्नित कर ली गई है। जल्द ही उसे आवंटित कर दी जाएगी।
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