मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों की दो मांगे मान ली हैं। उन्होंने राजभवन में आयोजित समारोह में शिक्षकों को दो दिन की स्पेशल लीव और यात्रा अवकाश दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं। जल्द ही इसका जीओ जारी किया जाएगा।
वहीं, राजकीय शिक्षक संघ ने इसका विरोध किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि संगठन मंगलवार से शिक्षा निदेशालय में आमरण अनशन शुरू करेगा। कहा कि शिक्षकों को साल में तीन उपार्जित अवकाश दिए जाने पर समझौता हुआ था।
स्पेशल लीव से खुश नहीं
इसे लेकर शासन के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अब सीएम की ओर से दो दिन के स्पेशल लीव की घोषणा की गई है, जो शिक्षकों को मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि यात्रा अवकाश मंजूर होने का संगठन स्वागत करता है, लेकिन दो दिन की स्पेशल लीव की जगह शिक्षकों को समझौते के अनुरूप तीन दिन का उपार्जित अवकाश दिया जाए।
संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार चौधरी ने कहा कि मांगों पर समझौते के बावजूद शिक्षकों के साथ वादाखिलाफी हुई है। संगठन से जुड़े पदाधिकारी मंगलवार को शिक्षा निदेशालय में आमरण अनशन शुरू करेंगे। संगठन की जब तक सभी 18 सूत्री मांगों पर अमल नहीं होता, अनशन जारी रहेगा।