उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में सरस्वती देवी की भैंस कुदरत का अजूबा है। अन्य भैंसों से यह भैंस बिल्कुल अलग है।
अमूमन भैंसों की उम्र ज्यादा से ज्यादा 20-22 साल की मानी जाती है। अगर सरस्वती के दावे को सच मानें तो उनकी भैंस की उम्र 27 साल है।
इतने लंबे समय जीने के अलावा अभी भी दूध दे रही है। पशु विशेषज्ञ भी इसे अपवाद मान रहे हैं।
इस उम्र में दूध देना किसी अजूबे से कम नहीं
किसी भैंस का औसत उम्र को पार जीवित रहने की घटना तो आपवादिक हो सकती है, जैसा इंसानों में होता है।
लेकिन उसका औसत से कहीं बहुत ज्यादा उम्र में दूध देना किसी अजूबे से कम नहीं है।
कर्ण प्रयाग से दो किमी दूर पोखरी ब्लाक के सेमी गांव में सरस्वती देवी की भैंस पूरे इलाके के लिए चमत्कार से कम नहीं है। भैंस कई मामले में अनूठी है।
पहली बार 9 वर्ष की उम्र में वह ब्याई। इसके बाद इसने लगातार तीन वर्ष तक दूध दिया।
घर के आर्थिक हालात संभालने में की मदद
12 वर्ष की उम्र में दूसरी बार ब्याई तब दो वर्ष, तीसरी बार यह 14 वें वर्ष में ब्यान के बाद एक वर्ष ही दूध दिया। चौथी बार यह 15वें वर्ष में यह फिर ब्याई और इसके बाद इसने 6 वर्ष तक दूध दिया।
पांचवीं बार यह 21 वर्ष की उम्र में ब्याई। इसके बाद से सात साल से अभी तक दूध दे रही है।
आम देसी नस्ल की यह भैंस पहले सुबह-शाम छह-छह किलो तक दूध देती थी। उम्रदार होने के चलते अब भैंस सिर्फ सुबह-शाम एक-एक किलो दूध दे रही है।
सरस्वती देवी बताती हैं कि चार संतानों की परवरिश और दो बेटियों के ब्याह में इसने बड़ी मदद की।
परिवार की सदस्य है यह भैंस
सरस्वती का बेटा मनीष 28 साल का है। वह कहता है कि वह इसी भैंस का दूध पीकर बड़ा हुआ है।
सभी भैंस को घर का एक अहम सदस्य ही मानते हैं। कई बार इसके खरीददार भी आए लेकिन इसे बेचा नहीं गया।
भैंस का लगातार 7 वर्ष तक दूध देना और 27 वर्ष की उम्र पार करना चमत्कारिक घटना से कम नहीं है। इस पर शोध किया जा सकता है। 7 वर्ष से दूध देने की वजह उसके दिमाग से प्रोलैक्टिक हार्मोंस का स्राव हो सकता है।
- डॉ. लोकेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी चमोली
निश्चित रूप से भैंस का 27 साल की उम्र पार करना और अभी भी दूध देना आपवादिक मामला है। अमूमन भैंसों की उम्र 20-22 साल ही होती है। लेकिन आदमी की तरह पशुओं में भी अपवाद हो सकते हैं।
- अविनाश आनंद, मुख्य अधिशासी अधिकारी पशुपालन विभाग उत्तराखंड