उत्तराखंड सरकार की ओर से विधानसभा का दो दिवसीय सत्र आहूत करने का प्रस्ताव विधानसभाध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने सत्र के आयोजन को मंजूरी देने के साथ ही विधायकों को इस संध में पत्र भेजने का निर्देश सचिव को दे दिया है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने विधायी कार्य सचिव के जरिए विधानसभाध्यक्ष से दो दिवसीय सत्र बुलाने का अनुरोध किया था जिसे विधानसभाध्यक्ष ने मंजूरी दे दी है। विधानसभाध्यक्ष कुंजवाल की ओर से सत्र बुलाए जाने की सहमति प्रदान किए जाने के बाद अब राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज होने लगी है।
उल्लेखनीय है कि संभावित वित्तीय संकट से निपटने के लिए सरकार इस दो दिवसीय विशेष सत्र में बजट प्रस्ताव ला सकती है। जिस पर गर्मागर्म बहस होने की भी पूरी संभावना है। कारण कि बजट को लेकर 18 मार्च को सदन में हंगामा हो गया था और पूर्व मंत्री विजय बहुगुणा और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत समेत कांग्रेस के नौ विधायकों को दलबदल कानून के तहत सदस्यता तक गंवानी पड़ी।
विधानसभा का दो दिवसीय सत्र भी 10 मई के फ्लोर टेस्ट जैसा होने की पूरी संभावना है। कारण कि विपक्षी भाजपा बजट को मुद्दा बना सकती है। बहरहाल जो भी दो दिवसीय विशेष सत्र हंगामेदार होगा इसकी पूरी संभावना है। वहीं सत्तारूढ् कांग्रेस का पूरा प्रयास होगा कि बजट पास हो जाए ताकि राज्य में वित्तीय संकट की स्थिति न बने।