दिल ने कहा, यही है राइट चॉयस... तो मैंने भी दिल की आवाज सुनी। उसके बाद यह नहीं देखा कि मेरे होने वाले पति सुन नहीं सकते, बोल नहीं सकते और शादी कर ली। आज सफल शादी के 18 साल हो गए हैं।
यह कहानी है हरिद्वार की न्यू हरिद्वार कॉलोनी में रहने वाली सोनिया अरोड़ा की। बीकॉम कर चुकी सोनिया शहर के प्रतिष्ठित सिख परिवार में जन्मी हैं।
वर्ष 1996 की बात है। एक पारिवारिक विवाह समारोह में उनकी सहेली ने उनकी मुलाकात संदीप अरोड़ा नाम के युवा से करवाई। सहेली ने सोनिया को बताया कि एम.कॉम पास संदीप बोल-सुन नहीं सकते। लेकिन सोचने-समझने की शक्ति सामान्य इंसानों से ज्यादा है।
सोनिया ने बताया कि पहली ही नजर में उन्हें लगा कि संदीप उनके लिए बने हैं। उनकी मुलाकातें होने लगी।