लोड बढ़ाने के लिए आवेदन की कोई विशिष्ट आवश्यकता नहीं होगी
कहा, अगर कोई उपभोक्ता ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूपटॉप पीवी प्लांट के लिए आवेदन करता है, तो ऐसे उपभोक्ताओं से लोड बढ़ाने के लिए आवेदन की कोई विशिष्ट आवश्यकता नहीं होगी। यदि स्वीकृत कनेक्टेड लोड उस संयंत्र की क्षमता से कम है, जिसे उपभोक्ता स्थापित करना चाहता है, तो स्वीकृत कनेक्टेड लोड को उस सीमा तक बढ़ाया हुआ माना जाएगा। कहा, लोड बढ़ोतरी और सिक्योरिटी शुल्क का भुगतान नियामक आयोग के समय-समय पर आने वाले नियमों के हिसाब से करना होगा।
फायदे का सौदा है ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूफटॉप
ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर फेज-2 के तहत घर पर सोलर रूफटॉप लगाना अब आसान है। योजना में अनुदान मिल रहा। घरेलू श्रेणी के उपभोक्ता को सोलर प्लांट लगाने पर प्रथम तीन किलोवाट पर 40 प्रतिशत और चार से 10 किलोवाट पर 20 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: अब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का सहारा लेगी पुलिस, ADG कानून व्यवस्था ने की बैठक, जानें वजह
सोलर प्लांट की लागत वसूली पांच वर्ष तक
उपभोक्ता की ओर से दी जाने वाली सोलर प्लांट की लागत की वसूली लगभग पांच वर्ष में की जा सकती है। सोलर प्लांट के पांच वर्ष तक का रखरखाव लागत में ही निहित है। सोलर प्लांट लगाकर उपभोक्ता अपने बिजली बिल की धनराशि को कम कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए निकटतम बिजली कार्यालय या टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।