उत्तराखंड में गैरसैंण विधानसभा सत्र से पहले इस चुनौती ने भाजपा नेताओं की नींद उड़ा दी है। इससे जहां पार्टी में खलबली मची हुई है, वहीं सरकार चुनौती का सामना करने के लिए माथा पच्ची कर रही है।
उत्तराखंड की शीतकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में विधान सभा का सत्र कराने जा रही प्रदेश सरकार ने दिसंबर की ठंड बड़ी चुनौती है। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने कमर कस ली है।
मंगलवार को विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने सत्र की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें अधिकारियों को सुविधाएं और संसाधन जुटाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए।
कड़ाके ठंड को देखते हुए स्पीकर ने शासन और प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि हिमपात की संभावना के मद्देनजर वहां स्नो कटर की व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने शासन को एक हेलीकाप्टर स्टैंड बाय में रखने को भी कहा।
विधान सभा परिसर में हुई बैठक में तय हुआ कि सत्र के दौरान अफसरों और कर्मचारियों की संख्या को सीमित रखा जाए। सीमित सुविधाओं के मद्देनजर स्पीकर ने निर्देश दिए कि सत्र में सचिव के साथ अधिक से अधिक तीन अफसरों की तैनाती हो।
बताया गया कि सदन के अंदर हीटर की व्यवस्था होगी और बिजली की सुचारु व्यवस्था के साथ जनरेटर का प्रबंध किया जाएगा। पानी की आपूर्ति के लिए 1200 किलो लीटर के दो टैंकों के अलावा 10 टैंकरों की व्यवस्था रहेगी, जिनसे 15 हजार लोगों के पानी की आपूर्ति हो सकेगी।
विधायकों एवं मंत्रियों के रहने के लिए हो गए खास इंतजाम
prem chandra aggarwal
विधायकों एवं मंत्रियों के रहने के लिए विधान सभा भवन परिसर में 60 कक्ष तैयार हैं। अधिकारी, स्टाफ, मीडियाकर्मियों के रहने के लिए गैरसैंण, कर्णप्रयाग, आदिबद्री, गौचर और कालेश्वर के जीएमवीएनए, लोनिवि व सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में व्यवस्था होगी।
स्पीकर ने चमोली के जिलाधिकारी आशीष जोशी को व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाई-फाई एवं नेटवर्क व्यवस्था समय पर सुचारु कर लिया जाए ताकि इंटरनेट की सुविधा मिल सके।
ठंड की स्थिति के मद्देनजर उन्होंने आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में डाक्टरों की तैनाती करने और आपात सेवा के लिए 108 वैन की व्यवस्था करने को भी कहा।
बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव लोनिवि ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव गृह आनंद बर्द्धन, सचिव विधान सभा जगदीश चंद्र, गढ़वाल आयुक्त दिलीप जावलकर, पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी, चमोली के डीएम आशीष जोशी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तृप्ति भटट समेत कई अधिकारी उपस्थित थे। सुरक्षा मामलों की समीक्षा बैठक स्पीकर सत्र से पूर्व करेंगे।