इस साल शुरूआत में ही उत्तराखंड में बर्फबारी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जी हां, जहां एक तरफ रविवार को दूसरे दिन भी लगातार बारिश और बर्फबारी का सिलसिला चलता रहा। वहीं सोमवार की सुबह गढ़वाल के कुछ क्षेत्रों में हुई बर्फबारी ने कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
गढ़वाल के ऊंचाई वाले इलाकों में सोमवार की सुबह जमकर बर्फबारी हुई। जिस कारण निचले इलाके शीतलहर की चपेट में हैं। सोमवार की सुबह गोपेश्वर, घाट, पिपलकोटी, जोशीमठ, पोखरी ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली।
बताया गया कि यहां हुई बर्फबारी से कई सालों के रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए हैं। इतना ही नहीं गोपेश्वर में 2001 के बाद इस बार बर्फबारी हुई है।
जोशीमठ में दो इंच, गोपेश्वर में तीन इंच, घाट में दो इंच व पोखरी में छह इंच बर्फबारी हुई। सुबह लगभग 11 बजे तक जोशीमठ की ऊंची चोटिंयों पर बर्फबारी जारी रही। जबकि गोपेश्वर, घाट, पोखरी में सुबह हुई बर्फबारी के बाद जोरदार बारिश हुई। बर्फबारी होने से इन इलाकों में ठिठुरन बढ़ गई है। इस ठंड के बीच पर्यटक खूब मस्ती करते हुए दिखे।
24 घंटे में 26.5 मिमी बारिश
उत्तराखंड में सर्दी का प्रकोप शुरू हो गया है। शनिवार को पड़ी रिमझिम फुहारें रात को झड़ी में बदल गई। हल्की बारिश का सिलसिला रविवार शाम तक जारी रहा। बादलों के बीच सूरज के दर्शन कम ही हुए, इस दौरान ठंडी हवाएं हाड़ कंपाती रहीं। राजधानी में 24 घंटे में मौसम विभाग ने 26.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की है।
दून में शनिवार शाम साढ़े पांच बजे से रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक मौसम विभाग ने 23.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की। रविवार को भी सुबह से ही बूंदाबांदी और ठंडी हवाएं शुरू हो गई। शाम साढ़े पांच बजे तक विभाग ने 3.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की।
मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को भी बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहेगा। पहाड़ में विशेषकर उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में बारिश के साथ ही बर्फबारी के भी आसार हैं। जबकि मैदानी क्षेत्रों में बादल व बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक दून में सोमवार को भी ठंडी हवाएं चलती रहेंगी और सूरज बादलों में लुकता-छिपता रहेगा। सोमवार से पारे में कुछ गिरावट आ सकती है।
बर्फ की आगोश में दर्जनों गांव
रविवार को भी जौनसार बावर की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होती रही। तलहटी में बसे दर्जनों गांवों में भी बर्फ की चांदी बिखर गई। चकराता छावनी बाजार में बर्फ की फुहारें पड़ीं। हिमपात की वजह से जौनसार बावर क्षेत्र कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है।
चकराता का अधिकतम तापमान 05 और न्यूनतम -01 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। विकासनगर का अधिकतम तापमान 15 और न्यूनतम 07 रिकॉर्ड किया गया। रविवार को जौनसार बावर की तहलटी में बसे ठारठा, पुनींग, कुनवा, गोरछा, कावा, नौरा, उटेड़ा, प्यूनल, चौरालाणी, कथियान, भटाड़, खादरा समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में करीब एक फीट बर्फ पड़ने की खबर है।
वहीं, ऊंची चोटियां मुराच, मोल्टा, देववन, कांडीधार, बागीधार, बुधेर, खड़ंबा, मुंडाली, लोहासू, केदारकांटा समेत कई जगहों पर बर्फबारी का दौर जारी रहा। शाम तीन बजे बादल छंटने के बाद से लोगों ने राहत की कुछ सांस ली।
वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक
त्यूनी में चोटियों पर बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश ने वाहनों की रफ्तार में ब्रेक लगा दिया। इस वजह से कई मोटर मार्ग प्रभावित हुए हैं। बर्फबारी की वजह से लोखंडी के समीप त्यूनी-चकराता मोटर मार्ग बंद हो गया है। ब्लाक मुख्यालय पहुंचने के लिए लोगों को वाया मीनस होकर 30-40 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
लोखंडी के साथ ही जाड़ी, मसक, कोटी, बिनसोन, त्यूना, कनासर, अमराड़, झबराड़, सावड़ा समेत 25 गांवों की आबादी को गंतव्य तक पहुंचने के लिए 8-10 किमी पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। लोनिवि के एसडीओ अनिल चंदोला ने कहा कि मौसम साफ होने पर बर्फ हटाने के लिए जेसीबी लगाई जाएगी।
धूप में पिघली बर्फ की उम्मीद
मसूरी में बर्फबारी देखने की आस में मसूरी में जुटे सैलानियों की उम्मीदों पर शाम को खिली चटख धूप ने पानी फेर दिया। इससे पूर्व रविवार को दिनभर मौसम बदलता रहा। सुबह झमाझम बारिश और ओले गिरने के बाद हिमपात की संभावना बढ़ गई थी।
दिनभर पर्यटन नगरी के कोहरे के आगोश में रहने के बाद शाम को अचानक धूप खिल गई। हालांकि, सर्द हवाओं से परेशान लोगों को इससे कुछ राहत मिली, लेकिन सैलानी निराश दिखे। शनिवार से जारी रिमझिम के बाद रविवार सुबह मसूरी में पारा शून्य के करीब जा पहुंचा था।
वीकएंड के चलते सैलानियों की भारी तादाद नगर में उमड़ी थी। सुबह बारिश की झड़ी के बाद माना जा रहा था कि मौसम ऐसा ही रहा तो रविवार शाम तक बर्फ गिर सकती है। दोपहर तक मौसम बेहद सर्द बना रहा, लेकिन शाम पौने चार बजे धूप खिल गई।
इसके बाद मौसम में भी अचानक उछाल आया। शाम तक तापमान छह डिग्री तक पहुंच गया था। इससे हिमपात की संभावना खत्म हो गई। हालांकि, सूरज के ढलते ही नगर फिर कोहरे के आगोश में समा गया। सैलानियों में बर्फ न गिरने से निराशा दिखी, लेकिन धुंध के बीच वे माल रोड पर चहलकदमी करते दिखे।
धनोल्टी ने भी किया निराश
शनिवार को मौसम में बदलाव के बाद बड़ी संख्या में पर्यटक मसूरी आ गए थे। यहां बर्फ न मिलने पर अधिकतर धनोल्टी की ओर चले गए। लेकिन शनिवार को वहां पड़ी हल्की बर्फ भी पिघल चुकी थी। ऐसे में लोगों को वहां से भी निराश लौटना पड़ा।