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पहाड़ों पर झमाझम बर्फ, चारों धामों ने ओढ़ी सफेद चादर

Sat, 30 Jan 2016 02:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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(तस्वीर में- केदारनाथ में बर्फ)
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मौसम विभाग की भविष्यवाणी सटीक साबित हुई। शुक्रवार को चारों धामों गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ में बर्फ की चादर बिछ गई। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम में ढाई फीट से अधिक बर्फ गिर चुकी है। चमोली जिले में बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रूद्रनाथ, गौरसों बुग्याल, लाल माटी और पर्यटन स्थली औली में जमकर बर्फबारी हुई।

उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री और गंगोत्री धाम सहित हरकीदून, केदारकांठा, डोडीताल, दयारा आदि ऊंचाई वाले पर्यटक स्थल बर्फ से लकदक हो गए हैं। बारिश और बर्फबारी से उपजी कड़ाके की ठंड को देखते हुए उत्तरकाशी जिले में तीस जनवरी को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
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तापमान माइनस में
केदारनाथ में शुक्रवार को सुबह नौ बजे से शाम तक रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही। इससे यहां पूरे दिनभर तापमान माइनस में रहा। निम के मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि धाम में चारों तरफ ढाई फीट से अधिक बर्फ गिर चुकी है।

छानी कैंप, लिनचौली और रामबाड़ा में आधा फीट तक बर्फ जम चुकी है। द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम, तृतीय केदार श्रीतुंगनाथ, चोपता, दुगलबिट्टा सहित हरियाली डांडा में भी बर्फबारी हुई है। गौरीकुंड, ऊखीमठ, सोनप्रयाग और गुप्तकाशी में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है।

सुक्की, हर्षिल में पांच घंटे तक निरंतर हुई बर्फबारी

उत्तरकाशी में शुक्रवार करीब दस बजे से बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। जिला मुख्यालय सहित निचले घाटी वाले क्षेत्रों में रिमझिम बारिश हुई, जबकि सुक्की, हर्षिल, खरसाली, सांकरी आदि ऊंचाई वाले स्थानों पर करीब पांच घंटे तक निरंतर बर्फबारी होती रही।

जिले में समुद्र सतह से करीब ढाई हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में एक से दो फीट तक बर्फ की चादर बिछ गई है। शाम के समय बारिश एवं बर्फबारी थम तो गई है, लेकिन आसमान में छाए बादल फिर बर्फबारी का संकेत दे रहे हैं।

दो दर्जन गांव बर्फ से लकदक
बर्फबारी के पूर्वानुमान को देखते हुए पहले ही गंगोत्री घाटी का रुख करने वाले पर्यटकों ने हिमपात का लुत्फ उठाया। मोटरसाइकिल ग्रुप के साथ गंगोत्री से लौट रहे तिलक सोनी, संजय पंवार आदि ने बताया कि इन सर्दियों में पहली बार इतनी बर्फबारी हुई है। दल में शामिल दिल्ली के पर्यटक ताजा हिमपात देख काफी खुश हुए।

शुक्रवार को बर्फबारी से जिले में कहीं भी सड़क यातायात अवरुद्ध नहीं हुआ। हालांकि उपला टकनौर, बीफ खरसाली और हरकीदून घाटी के दो दर्जन से ज्यादा गांव बर्फ से लकदक हो गए हैं। फिलहाल इन गांवों में बिजली, पानी एवं दूरसंचार व्यवस्था सुचारु है, लेकिन ज्यादा बर्फबारी होने पर दिक्कतें बढ़ने की आशंका है।

बर्फबारी वाले क्षेत्रों में पारा शून्य के आसपास बना हुआ है, जबकि निचले इलाकों में भी सर्द हवाएं चलने से तापमान चार से आठ डिग्री के बीच दर्ज किया गया।

आज बंद रहेंगे स्कूल
उत्तरकाशी। बारिश एवं बर्फबारी से उपजी कड़ाके की ठंड को देखते हुए डीएम के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी ने तीस जनवरी को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश की घोषणा की है। सीईओ लीलाधर व्यास ने बताया कि मौसम विभाग की भारी बारिश और बर्फबारी की भविष्यवाणी को देखते हुए स्कूलों में एक दिन का अवकाश किया गया है।
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पर्यटकों के वाहन फंसे बर्फ में

शुक्रवार को तड़के से ही बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रूद्रनाथ, गौरसों बुग्याल, लाल माटी और पर्यटन स्थली औली में जमकर बर्फबारी हुई। औली मोटर मार्ग कवांण बैंड के समीप अवरुद्ध होने से आईटीबीपी और पर्यटकों के वाहन दिनभर बर्फ में फंसते रहे।

गोपेश्वर-चोपता मोटर मार्ग पर भी बर्फ जमने से कांचुलाखर्क के आगे वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई। चमोली के जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और बारिश को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को लगातार सुदूर गांवों की जनता के संपर्क में रहने और जन उपयोगी आवश्यक वस्तुएं खाद्यान्न, ईंधन, विद्युत, पेयजल आदि की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं।

बारिश से कर्णप्रयाग के ग्वालदम, देवाल सहित अन्य इलाकों में ठंड बढ़ गई। गैरसैंण के दूधातोली, नंदा ठोंक और बिनसर की चोटियों पर भी बर्फबारी की सूचना है।
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