आगामी 29 अप्रैल से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा तैयारियों लेकर प्रशासन द्वारा गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर जमी भारी बर्फ को हटाने का कार्य आज से शुरू किया जा रहा है। इसके लिए पहले चरण में कार्यदायी संस्था डीडीएमए-लोनिवि द्वारा डेढ़ सौ मजदूर लगाए जा रहे हैं। पैदल मार्ग पर भीमबली से केदारनाथ तक 4 से 16 फीट तक बर्फ मौजूद है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-लोक निर्माण विभाग के नेतृत्व में कार्यदायी संस्था वुड स्टोन द्वारा पैदल मार्ग पर भीमबली से बर्फ को साफ करने का कार्य शुरू किया जा रहा है। पहले चरण में भीमबली से लिनचोली तक डेढ़ सौ तक मजदूर बर्फ सफाई का कार्य करेंगे। जैसे-जैसे जरूरत होगी, मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
सबसे अधिक परेशानी सात हिमखंड जोनों पर है, जहां पर 25 से 45 फीट तक लंबे और सैकड़ों फीट ऊंचे हिमखंड फैले हुए हैं, जिन्हें काटकर पैदल रास्ता तैयार किया जाना है। दूसरी तरफ मैनेजमेंट फोर्स के 44 जवान भी बीते एक सप्ताह से गौरीकुंड से भीमबली तक पैदल मार्ग पर जमा हल्की बर्फ को साफ कर चुके हैं। साथ ही डीडीएमए द्वारा पैदल मार्ग पर शुरूआती सात किमी पर सुधारीकरण कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
कार्यदायी संस्था के सहायक अभियंता दीप चंद्र नवानी ने बताया कि गौरीकुंड से भीमबली तक आवाजाही में कोई दिक्कतें नहीं है। जहां पर टूट-फूूट हुई है, उसे प्राथमिकता से ठीक किया जा रहा है। वहीं, वुड स्टोन कंपनी के प्रभारी मनोज सेमवाल ने बताया कि मौसम के अनुकूल रहने पर बर्फ सफाई का कार्य तेजी से किया जाएगा।
पिथौरागढ़ में पूजा से घर लौट रहा ग्रामीण पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल भेजा। जिला अस्पताल पहुंचते ही ग्रामीण की मौत हो गई।
दोपातल गलाती निवासी कल्याण सिंह (47) पुत्र गौर सिंह बृहस्पतिवार सुबह पूजा से लौट रहा था। सुबह 11 बजे वह पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से घायल हो गया। गंभीर हालत में उसे धारचूला संयुक्त अस्पताल पहुंचाया, जहां पर डॉ.आमिर आलम ने उसका उपचार किया।
उसके सिर में टांके लगाए गए और हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद उसे 108 एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। शाम को जिला अस्पताल पहुंचते ही घायल कल्याण सिंह की मौत हो गई। कल्याण सिंह परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। उसकी तीन पुत्रियों में से एक की शादी हो चुकी है जबकि दो बेटियां नाबालिग हैं।
उसकी मौत से घर में कोहराम मचा है। ग्राम प्रधान हेमा देवी और वार्ड सदस्य तनूजा देवी ने घटना की सूचना तहसील प्रशासन को दे दी है। पहाड़ी से पत्थर गिरने से दो दिन में यह मौत की दूसरी घटना है। बुधवार को गलाती के ही कमान सिंह की पत्थर लगने से मौत हो गई थी