दून में आज शनिवार को आसमान साफ, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बादल रहने की संभावना है। हालांकि यह बादल सुबह के वक्त कुछ ही घंटे के लिए रहेंगे। राज्य मौसम केंद्र मानें तो फिलहाल आने वाले 24 घंटे में तापमान में किसी तरह के बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं।
पढ़ें,नए साल पर बस फोन घुमाइए, शराब हाजिर!
अधिकतम तापमान 21, जबकि न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रह सकता है। शाम के वक्त चलने वाली ठंडी हवाएं जरूर ठिठुरन बढ़ाएंगी। पहाड़ी क्षेत्रों में पाला पड़ने की आशंका है।
बारिश की संभावना
राज्य मौसम केंद्र के वैज्ञानिक ‘डी’ डा. विक्रम सिंह के अनुसार आने वाली 30 और 31 दिसंबर को प्रदेश में हल्की बारिश के साथ ही बर्फबारी की संभावना है। ऐसा पश्चिमी विक्षोभ के पीछे खिसकने की वजह से संभावित है। फिलहाल इसका असर जम्मू-कश्मीर में देखने को मिला है।
पढ़ें,रोहित की मदद को आगे आई कक्षा आठ की छात्राएं
उधर, शुक्रवार को जैसी कि उम्मीद थी, सुबह के वक्त दून में बादल छाए, लेकिन कुछ ही देर बाद सूरज ने उन्हें ढक लिया। शाम के वक्त चलने वाली हवाओं से लोगों की मुश्किल बढ़ी हुई है। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 86, जबकि न्यूनतम प्रतिशत 45 दर्ज किया गया।
ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, ठिठुरन बढ़ी
दोपहर बाद बदरीनाथ की ऊंची चोटियों के साथ ही हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, गौरसों बुग्याल, पनार, लाल माटी आदि चोटियों में जमकर बर्फबारी हुई। जिससे निचले क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ गई है।
पढ़ें,बंदरों से बचना है तो 'इन्हें' कराइए भरपेट भोजन
सुबह से आसमान में छाए बादल दोपहर बाद घिर आए। लोग ठंड के चलते दिनभर अपने घरों में ही दुबके रहे। ठंड को देखते हुए नगर पालिका जोशीमठ और गोपेश्वर द्वारा नगर में जगह-जगह अलाव की व्यवस्था की गई है। जिससे राहगीरों को सुकून मिलेगा।
कर्णप्रयाग में भी गिरा पारा
कर्णप्रयाग में भी मौसम ने एक बार फिर करवट बदली। इस दौरान जहां दिनभर बादलों और सूरज के बीच आंखमिचौली का खेल चलता रहा। वहीं शीत हवाओं से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। इस दौरान नगर क्षेत्र में अधिकतम तापमान 11 डिग्री और न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पढ़ें,अब यहां से खरीदें सर्टिफाइड 'यूज्ड कारें'
पिंडरघाटी के नारायणबगड़, थराली और देवाल सहित ग्वालदम में भी तेज शीत हवाओं के चलते दिनभर लोग परेशान रहे। गैरसैंण में भी दिनभर में कई बार आसमान में घुमड़ते बादलों और बीच-बीच में तेज हवाओं से ठंड का प्रकोप बना रहा।