यमुनोत्री क्षेत्र से लगे इन गांवों पानी की भी समस्या हो गई हैं। लोग बर्फ गलाकर पानी पी रहे हैं। खरसाली के रणवीर सिंह राणा ने बताया कि बिजली-पानी न होने से परेशानी हो रही है।
नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार सुबह से बारिश हो रही है। ठंड से जनजीवन प्रभावित हुआ है। जिला मुख्यालय नई टिहरी सहित 150 गांवो में विद्युत आपूर्ति ठप है। बर्फबारी से चंबा धनोल्टी सड़क दूसरे दिन भी नहीं खुल पाई है।
चमोली जिले में लगातार दूसरे दिन भी मौसम खराब बना हुआ है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश हो रही है। समूचा जनपद कड़ाके की ठंड की चपेट में है। वहीं श्रीनगर में बारिश जारी है। यहां 24 घंटे में 21 मिलीमीटर बारिश हुई है।
रुद्रप्रयाग जनपद में बारिश जारी है। केदारनाथ सहित अन्य ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे बांसबाड़ा में बंद पड़ा हुआ है। यहां कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है।
वहीं मंगलवार को केदारघाटी, कालीमठ घाटी, मद्महेश्वर घाटी के ऊपरी गांवों में देर शाम तक बर्फबारी होती रही। यहां चार फीट तक बर्फ जमने से पैदल रास्ते बंद हो गए हैं। जिले में दिलमी, चौमासी, करोखी, पेंज, जाल तल्ला, गड्गू, गिरीया, झुडोली, पाटा, रांसी, गौंडार आदि गांवों में बर्फबारी से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उधर, चिरबटिया और आसपास के गांवों में भी पैदल रास्ते बर्फ से ढक चुके हैं।
जोशीमठ शहर में 9 साल बाद बर्फबारी हुई है। जिले के करीब 125 गांव बर्फ से ढक गए हैं। पोखरी क्षेत्र के 127 गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप पड़ गई है।गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में करीब तीन से चार फीट तक बर्फ जमी है। जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे समेत करीब एक दर्जन मार्ग बर्फ से अवरुद्ध हैं।
बर्फबारी का लुत्फ लेने उत्तरकाशी पहुंचे गुजरात के पर्यटकों की गाड़ी धरासू-यमुनोत्री हाईवे पर सिल्क्यारा बैंड के पास फंस गई थी। बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने और सड़क अवरुद्ध होने से वाहन में 12 पर्यटक फंसे हुए थे। इन पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए पुलिस की टीम भेजी गई। उत्तरकाशी में फंसे पर्यटकों को मंगलवार देर रात प्रशासन की टीम द्वारा सुरक्षित निकाल लिया गया ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजकोट गुजरात के 12 युवा बर्फबारी का लुुत्फ लेने के लिए उत्तरकाशी पहुंचे थे। मंगलवार को ये लोग बड़कोट की ओर जा रहे थे। सिल्क्यारा बैंड के पास बर्फबारी शुरू होने पर यह वाहन से उतरकर बर्फ का लुत्फ लेने लगे। इतने में बर्फबारी से सड़क अवरुद्ध होने के कारण इनका वाहन वहीं फंस गया।
फंसे हुए पर्यटक यश भाई ने दूरभाष पर अमर उजाला को बताया कि वे 12 पर्यटक थे। इस संबंध में एसडीएम डुंडा सौरभ असवाल से बात करने पर उन्होंने बताया कि सिल्क्यारा बैंड के पास पर्यटकों के फंसे होने की सूचना मिली है। पुलिस की टीम मौके पर भेजी गई है, जो इन पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर ठहराने की व्यवस्था करेगी। जिसके बाद टीम ने उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
बुधवार को पिथौरागढ़ में तेज गरज के साथ बारिश का क्रम जारी रहा। मुनस्यारी में रुक-रुककर हिमपात होता रहा। भारी हिमपात के कारण फिलहाल थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग के खुलने के आसार नहीं हैं। जौलजीबी-मदकोट रूट से वाहनों की आवाजाही हो रही है। पूरा जिला कड़ाके की ठंड की चपेट में है। ठंड के चलते अधिकांश लोग घरों से नहीं निकले। सीमांत के लगभग सभी बाजार दूसरे दिन भी सुनसान रहे।
वहीं चकराता के सहिया में लोखंडी लोहारी में भारी बर्फबारी से पानी के पाइप जम गए। जिससे गांव में पेयजल संकट बन गया है। ग्रामीणों को बर्फ पिघलाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। यही नहीं बर्फबारी ज्यादा होने से लोहारी गांव के कई ग्रामीणों की भैड़- बकरिया खेड़ा मिनार में बर्फ में फंस गई हैं। यहां का सम्पर्क गांव से कट गया है।
लोहारी निवासी शेर सिह चौहान, धूम सिंह चौहान, रमेश सिंह चौहान आदि लोगों का कहना है कि गांव के लिए जलसंस्थान विभाग द्वारा बिछाई गई पाइप लाइन पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बर्फ बारी से जाम हो गई है। जिसकारण ग्रामीण बर्फ पिघलाकर प्यास बुझाने को विवश हैं। गांव में दो से तीन फीट बर्फ पड़ी है।