बदरीनाथ धाम के कपाट 26 अप्रैल को खुलने वाले हैं, लेकिन धाम में अभी भी आठ फीट बर्फ जमी हुई है।
रविवार को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) बीडी सिंह ने अन्य कर्मचारियों के साथ हनुमान चट्टी से बदरीनाथ तक यात्रा मार्ग और धाम का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि बदरीनाथ धाम में आठ फीट बर्फ जमी हुई है।
मंदिर को बर्फ से कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन आसपास की धर्मशालाओं और निजी भवनों को क्षति पहुंची है। कई भवनों की टिन की छत अलकनंदा नदी में पड़ी हुई हैं। मंदिर समिति के सहायक अभियंता विपिन चंद्र तिवारी ने बताया कि इस बार तीर्थयात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को हनुमान चट्टी से ही हिमखंडों के दर्शन होंगे।
बदरीनाथ में पैदल पुल और बामणी गांव को जाने वाला रास्ता बर्फ में ढका हुआ है। बारिश-बर्फबारी से बचाव के लिए बने टिन शेड भी हिमखंडों के नीचे दबे हैं। माणा गांव भी बर्फ से आच्छादित है।
सीईओ बीडी सिंह ने बताया कि आगामी नौ अप्रैल को समिति के कर्मचारियों का दल बदरीनाथ पहुंचकर बर्फ हटाने के साथ ही यात्रा तैयारियों में जुट जाएगा।