देहरादून शहर के 19 स्थानों पर जल्द स्मार्ट वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे। मेयर सुनील उनियाल गामा ने अधिकारियों की बैठक लेकर फेज-2 के तहत चुने गए स्थानों पर काम शुरू करने के निर्देश दिए। इससे पहले नगर निगम प्रशासन ने मॉडल प्रोजेक्ट के तहत जोगीवाला, रिंग रोड पर स्मार्ट वेंडिंग जोन बनाया था। जिसका प्रयोग सफल रहने पर अब फेज-2 के तहत काम शुरू किया जाएगा। बता दें कि तीन साल पहले हुए सर्वे में वेंडिंग जोन के लिए 12 स्थान तय किए गए थे। करीब तीन महीने पहले मेयर के निर्देश पर फिर से सर्वे हुआ, जिसके आधार पर 19 स्थानों का चयन किया गया है।
मेयर गामा ने अधिकारियों से कहा कि स्मार्ट वेंडिंग जोन बनने से सब्जी-फल विक्रेताओं को स्थाई तौर पर रोजगार की सुविधा मिलेगी। वहीं, यातायात व्यवस्था में भी परेशानी नहीं आएगी। कहा कि मौजूदा समय में शहर की ज्यादातर प्रमुख सड़कों पर दर्जनों की संख्या में फड़-ठेली लग रही हैं। जिसके चलते जहां शहर की सूरत बिगड़ रही है। वहीं, सड़क पर अतिक्रमण के चलते जाम की समस्या भी पैदा होती है। जिसे देखते स्मार्ट वेंडिंग जोन पर तेजी से काम करने की जरूरत है। इस दौरान उप नगर आयुक्त सोनिया पंत, भूमि कर अधीक्षक विनय प्रताप आदि मौजूद रहे।
तीन साल पहले भी बनी थी योजना
नगर निगम ने करीब तीन साल से फड़-ठेली वालों के लिए वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए सर्वे में साढ़े तीन लाख रुपये खर्च किए गए थे। जिसमें 3600 फड़-ठेलियों को चिह्नित किया गया। उनके लिए जगह भी तय कर दी गई। एक हजार से अधिक परिचय पत्र भी बांट दिए गए। लेकिन, बाद में फिर से सर्वे कराने का निर्णय लिया गया। लेकिन, इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
ऐसे निर्धारित होता ठेका
वेंडिंग जोन बनने के बाद लोकेशन के हिसाब से ठेके का निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद टेंडर के जरिये ठेका दिया जाएगा। ठेके के चलते निगम के जो कर्मचारी अभी तक इस व्यवस्था में लगे हुए थे, उनका इस्तेमाल दूसरे स्थान पर किया जा सकेगा।
रजिस्टर्ड 2700, हकीकत में आठ हजार से अधिक फड़-ठेली
नगर निगम में क्षेत्र में आठ हजार से अधिक फड़-ठेली हैं, लेकिन रजिस्टर्ड केवल 2700 फड़-ठेली ही हैं। शहर के लालपुल, पटेल नगर, घंटाघर, चकराता रोड, टर्नर रोड समेत तमाम जगहों पर फड़-ठेली के जरिये हजारों लोगों को रोजगार मिला हुआ है।
मौजूदा समय पर पांच लाख रुपये सालाना मिलता है राजस्व
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा समय पर फड़-ठेली से पांच लाखे रुपये सालाना राजस्व मिल रहा है। जबकि इस व्यवस्था में आधा दर्जन से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। ऐसे में निगम को उस हिसाब से राजस्व नहीं मिलता, जिस तरह से मिलना चाहिए।
इन जगहों पर बनाए जाएंगे वेंडिंग जोन
- नेहरू कॉलोनी एलआईसी मंडी- लालपुर पटेल नगर मंडी- सीमाद्वार मंडी
- इंदिरा नगर मंडी- डीबीएस के पीछे,करनपुर मंडी- चंद्रमणि धुत्ततू वाला चौक मंडी- गांधी पार्क एस्ले हॉल केवल सायं कालीन स्ट्रीट फूड जोन- इंदिरा कॉलोनी स्थित नव विहार कॉलोनी
- तपोवन रोड मंडी- तहसील चौक के पास कोतवाली के पीछे मंडी- धर्मपुर सब्जी मंडी नगर निगम की दुकानों के पीछे- मोहकमपुर आरओबी के नीचे मंडी- एमडीडीए कॉलोनी डालनवाला (निगम पार्क के पास)- लक्खी बाग चौराहा मंडी- इंद्रेश रोड मंडी- जाखन,दून विहार मंडी- बंजारावाला मंडी- मोथरोवाला मंडी- आरकेडिया मंडी