गोपेश्वर जिले में मानसून से पहले की बारिश के साथ ही जिला प्रशासन के आपदा प्रबंधन के दावों की पोल खुल गई है।
सोमवार रात को जिले में हुई मूसलाधार बारिश से गदेरा उफान पर आ गया जिससे चमोली तहसील स्थित भेडी गांव के तीन मकानों में पानी भर गया। इससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मची रही। ग्रामीण रातभर रतजगा करते रहे।
घरों का सामान भी खराब हो गया। गांव तहसील मुख्यालय से दो किमी की दूरी पर होने के बाद भी 12 घंटे बाद तक प्रशासन का कोई नुमाइंदा घटना स्थल पर नहीं पहुंचा।
सिकंदर खान, बलवरी और संतू का कहना है कि गदेरे पर निर्माणाधीन चमोली-मठ-छिनका मोटर मार्ग के किनारे नालियां न बनी होने से सोमवार रात डेढ़ बजे गदेरे ने मकानों की ओर रुख कर लिया। कमरों में पानी घुसते ही घर की बिजली भी बंद हो गई।
जैसे-तैसे बारिश में ही तीन परिवारों के 18 लोगों ने अन्य ग्रामीण के यहां शरण ली। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह 6 बजे मामले की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई, लेकिन घटना के 12 घंटे बाद भी प्रशासन का कोई नुमाइंदा मौके पर नहीं पहुंचा।
इधर, आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि भेडी गांव में घरों में पानी घुसने की सूचना मिली है, जिसके लिए तहसील प्रशासन की टीम को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।