राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल (संयुक्त दून अस्पताल व दून महिला अस्पताल) में अब स्किन, साइकेट्री और श्वास रोग के मरीज भी भर्ती होंगे। मेडिकल कॉलेज के अधीन आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था में यह बदलाव किया गया है। इसके अलावा अस्पताल में डॉक्टरों को अलग-अलग यूनिट में बांटा जाएगा। ओपीडी में अलग-अलग दिन अलग-अलग यूनिट के डॉक्टर मौजूद रहेंगे।
दून अस्पताल और दून महिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में बदलाव होने जा रहा है। दून अस्पताल के गैस्ट्रो सर्जन डॉ. विपुल कंडवाल, एनेस्थेटिस्ट डॉ. दीपीका तिवारी, पैथोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक बौंठियाल, चेस्ट फिजिशियन डा. रामेश्वर पांडे अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देंगे।
पीएमएस डॉ. आरएस असवाल ने बताया कि कुल डॉक्टरों को अलग-अलग यूनिट में बांटा जा रहा है। प्रत्येक दिन अलग-अलग यूनिट का अलग-अलग काम होगा। ओपीडी, सर्जरी, क्लास व अन्य सेवाओं में डॉक्टर रोटेट होते रहेंगे। इसके बाद दून अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के अधीन अब 59 से घटकर 55 डॉक्टर ही रह गए हैं।