बकौल डॉ. शर्मा प्रतियोगिता में शिरकत करने के लिए वह लोहे की तार-बाड़ के नीचे से होकर गुजरे, जिसमें वे चोटिल भी हुए। तुरंत उपचार लेने के बाद उन्होंने तैराकी शुरू की। डॉ. शर्मा के मुताबिक उनके हाथ से खून निकलता देख साथ में चल रही बोट में बैठे आयोजकों ने उन्हें बोट पर चढ़ा लिया।
लेकिन वह तैराकी पूरा करना चाहते थे, इसलिए फिर से लहरों में छलांग लगा दी। उन्हें प्रतियोगिता में विशेष खिलाड़ी का सम्मान प्रदान किया गया। यह प्रतियोगिता फील्ड बीच (हार्बर फुट) से आरंभ होकर चेल्सिया शुगर फैक्ट्री तक आयोजित की गई थी।