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भाजपा की बढ़ी मुश्किल, प्रकाश पांडे के बाद छह और लोगों ने दी आत्महत्या की धमकी

Thu, 11 Jan 2018 01:12 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडेय की मौत से भाजपा सरकार की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। छह और लोगों ने राज्यभर से तकरीबन छह लोगों ने आत्महत्या की धमकी दी है। शासन के अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री के स्टाफ के पास भी कुछ ऐसे फोन आए हैं, जिनमें कथित पीड़ितों ने समस्या न सुलझने पर आत्महत्या की धमकी दी है।

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कोई वन भूमि से रास्ता न देने पर तो कोई लोन न देने पर जान देने की बात कर रहा है। एक मामले में तो शिक्षक ने परमानेंट नौकरी न देने पर छत से कूदने तक की बात कह दी है। ऐसे मामलों को पुलिस के पास कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।

बीते शनिवार को हल्द्वानी के ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडेय ने जीएसटी और नोटबंदी से कारोबार चौपट होने की बात कहते हुए जहर खा लिया। इसके बाद वे भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित जनता दरबार पहुंच गए।
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उन्हें उपचार के लिए मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया, जहां मंगलवार को उनकी मौत हो गई। इस घटना का शोर प्रदेश ही नहीं देश की राजधानी दिल्ली तक में सुना गया। विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। इस सबके अलावा ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडेय की आत्महत्या के बाद से राज्य भर के तमाम परेशान लोगों ने आत्महत्या को हथियार बनाना शुरू कर दिया है।

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पौड़ी गढ़वाल के जमोड़ गांव के अजय भदूला न अपनी टूरिस्ट हट तक लोगों को पहुंचाने के लिए वन भूमि से रास्ता मांगा है। न दिए जाने पर उन्होंने आत्महत्या की बात कही है। कुछ इसी प्रकार चंपावत के एक ट्रांसपोर्टर केदार ने भी अपनी समस्या के निदान न होने की स्थिति में आत्मदाह करने का एलान किया है।

खटीमा के एक कर्जदार ने तो यहां तक कह दिया कि सरकार लोन दिलवाएं, वरना प्रकाश पांडेय की तरह वह भी जहर खा लेगा और तो और एक गेस्ट टीचर ने तो नौकरी न देने पर छत से छलांग लगाने तक की घुड़की दे डाली। बीते कुछ दिनों में लगभग आधा दर्जन ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां समस्या का निस्तारण न होने की दशा में लोगों ने आत्महत्या की घुड़की दी है।

इन सभी मामलों की जांच के लिए संबंधित जिलों की पुलिस को लगाया है। मुख्यमंत्री के मीडिया कॉर्डिनेटर दर्शन सिंह रावत ने बताया कि मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात अधिकारियों के अलावा शासन के अफसरों को इस तरह के फोन प्रदेश भर से आ रहे हैं।

उन्हें खुद भी एक व्यक्ति ने अपनी समस्या बताई और निराकरण न होने पर जान देने की धमकी दे डाली। उन्होंने कहा कि आत्महत्या की धमकी देना अपराध की श्रेणी में आता है, इसलिए सभी मामलों को संबंधित जिलों की पुलिस को सौंपा गया है। वे अपने स्तर से इन पर कार्रवाई करेंगे।
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