पौड़ी गढ़वाल के जमोड़ गांव के अजय भदूला न अपनी टूरिस्ट हट तक लोगों को पहुंचाने के लिए वन भूमि से रास्ता मांगा है। न दिए जाने पर उन्होंने आत्महत्या की बात कही है। कुछ इसी प्रकार चंपावत के एक ट्रांसपोर्टर केदार ने भी अपनी समस्या के निदान न होने की स्थिति में आत्मदाह करने का एलान किया है।
खटीमा के एक कर्जदार ने तो यहां तक कह दिया कि सरकार लोन दिलवाएं, वरना प्रकाश पांडेय की तरह वह भी जहर खा लेगा और तो और एक गेस्ट टीचर ने तो नौकरी न देने पर छत से छलांग लगाने तक की घुड़की दे डाली। बीते कुछ दिनों में लगभग आधा दर्जन ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां समस्या का निस्तारण न होने की दशा में लोगों ने आत्महत्या की घुड़की दी है।
इन सभी मामलों की जांच के लिए संबंधित जिलों की पुलिस को लगाया है। मुख्यमंत्री के मीडिया कॉर्डिनेटर दर्शन सिंह रावत ने बताया कि मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात अधिकारियों के अलावा शासन के अफसरों को इस तरह के फोन प्रदेश भर से आ रहे हैं।
उन्हें खुद भी एक व्यक्ति ने अपनी समस्या बताई और निराकरण न होने पर जान देने की धमकी दे डाली। उन्होंने कहा कि आत्महत्या की धमकी देना अपराध की श्रेणी में आता है, इसलिए सभी मामलों को संबंधित जिलों की पुलिस को सौंपा गया है। वे अपने स्तर से इन पर कार्रवाई करेंगे।