इस बीच प्रकाश पांडे के बहनोई और अन्य करीबियों ने पुलिस प्रशासन को बताया कि जब तक प्रकाश की पत्नी को सरकारी नौकरी, 50 लाख रुपये आर्थिक मदद, बुजुर्ग माता-पिता को मेडिकल सुविधा नहीं दी जाती और बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार वहन करने का वादा नहीं करती तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा।
जानकारी मिलने पर डीएम दीपेंद्र चौधरी और एसएसपी जन्मेजय खंडूरी 8.30 बजे वहां पहुंचे। मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला पहले ही पहुंचे हुए थे। परिजनों के बुलाने पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश भी आ गईं।
इसके बाद बंद कमरे में दोनों अधिकारियों की नेता प्रतिपक्ष डॉ. हृदयेश और मेयर से वार्ता हुई। इस बीच प्रकाश के बहनोई उमेश मेलकानी ने चेतावनी दी कि अब सब्र जवाब दे रहा है। प्रदेश सरकार से सहायता नहीं मिली तो लोग शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करेेंगे।
मेयर ने परिजनों को मांगें पूरी करने के लिए आधे घंटे का समय मांगा। 11 बजे डीएम ने वहां पहुंचकर मदद का एलान किया। इस बीच नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि आश्वासन पूरा नहीं हुआ तो जिलाधिकारी चैन से नहीं रह पाएंगे। वह परिवार के साथ खड़ी रहेंगी।