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अंतर्राज्यीय सपेरा गिरोह के छह सदस्य दबोचे, पांच चोरियों का खुलासा

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पेशेवर अन्तर्राज्यीय सपेरा गिरोह के शातिर अपराधियों को गिरफ्तार उनके बारें में पत्रकारों को जा - फोटो : DEHRADUN
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रायवाला पुलिस ने चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय सपेरा गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनसे चोरी का माल बरामद हुआ है। आरोप है कि इस गिरोह ने शहर और देहात क्षेत्रों में कई जगह चोरियां की हैं। गिरोह के कुछ सदस्यों के खिलाफ पहले से ही चोरी व अन्य आरोपों में मुकदमे दर्ज हैं।
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डीआईजी/एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने शनिवार को बताया कि गत 13 सितंबर को सोबत सिंह कलूड़ा निवासी छिद्दरवाला रायवाला के भतीजे मनोज कलूड़ा के घ्ज्ञर में चोरों ने ताला तोड़कर चोरी कर ली थी। वहां से सोने व चांदी के जेवरात समेत नगदी भी चोरी हुई थी। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन चोरों का कोई सुराग नहीं लग रहा था। इसी बीच एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को चिन्हित किया गया। शुक्रवार को एसओ रायवाला भुवन पुजारा को सूचना मिली कि, चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले आरोपी सामान को बांटने के लिए तीन पानी पुलिया छिद्दरवाला आए हैं। दबिश देकर मौके पर मौजूद छह लोगों को हिरासत में लिया गया। इनके कब्जे से थाना रायवाला, ऋषिकेश, सहसपुर में हुई चोरी की घटनाओं से संबन्धित सामान, औजार बरामद हुए। पकड़े गए आरोपी खानाबदोश सपेरे हैं। इनके नाम सूरज नाथ निवासी सपेरा बस्ती भानियावाला, लवनाथ निवासी भनियावाला, चीनू निवासी कोटावाली चिड़ियापुर, बिजनौर, नागा उर्फ नागमणि निवासी कोटावाली, चिड़ियापुर, बिजनौर, फौरिस उर्फ नीरब निवासी भानियावाला और संदीप उर्फ ब्रेन निवासी धनपुरा, हरिद्वार हैं। इन सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
ऐसे देते हैं घटना को अंजाम
गिरोह के सदस्य साथी सपेरों को नहटौर, कोटावाली चिड़ियापुर मंडावली, घोसीपुरा पथरी, भानियावाला डोईवाला क्षेत्र से बुलाते हैं। रोडवेज बसों से आकर घटना वाले क्षेत्र में उतरते है। स्थानीय सपेरे अपने वाहनों से घटनास्थल पर पहुंचते है। घटना के दौरान मोबाइल फोन, वाहन का इस्तेमाल नहीं करते। इससे वह सीसीटीवी व सर्विलांस की पकड़ नहीं आते थे। जिस घर में चोरी करनी होती है। उस घर में दाखिल होकर उन कमरो को बंद कर दिया जाता है, जहां पर परिवार सदस्य सो रहे होते है। कोई व्यक्ति सामने आ जाता है तो औजार से हमला कर देते है। ग्रिल, जाली को काट कर घटना को अंजाम दिया जाता है। रिश्तेदार नागा उर्फ नागमणि अपने साथियों के साथ सहयोग करता है। अन्य साथी लवनाथ घटनास्थल की पूर्व छानबीन कर स्थान को चिन्हित करते है। नागा उर्फ नागमणि अपने अन्य साथियों के साथ रोडवेज बस से आकर घटना वाले क्षेत्र में उतरते है। लवनाथ, फौरिस उर्फ नीरब के साथ मोटरसाइकिलों से घटनास्थल तक ले जाता है। चोरी के समय जूते चप्पलों का उपयोग नहीं करते है।
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