शहीद हिमांशु
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मूल रूप से ग्राम मसमोली, तहसील स्याल्दे (अल्मोड़ा) निवासी हीरा सिंह नेगी अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने और रोजगार की तलाश में काशीपुर आकर बस गए थे। सात साल पहले उन्होंने पांडेय कॉलोनी में मकान बनाया। एक बिल्डर के यहां चार हजार रुपये की पगार पर नौकरी की। परिवार की गाड़ी चलाने के लिए पत्नी कमला ने भी मजदूरी की। चार बच्चों के अलावा 90 साल की बूढ़ी मां सरुली देवी की देखरेख की जिम्मेदारी भी इस दंपती ने बखूबी निभाई। छोटा बेटा चंदन दिव्यांग है, मझले बेटे वीरेंद्र के भी हाथ में रॉड पड़ी है। बेटी दीपा रामनगर महाविद्यालय से बीएससी प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही है।