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उत्तराखंड अनलॉक : पर्यटकों के लिए आज से खुली फूलों की घाटी, कोविड निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य

Thu, 01 Jul 2021 08:15 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ
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फूलों की घाटी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
कोरोना संक्रमण के केस कम होते देख और फूलों की घाटी का जायजा लेने के बाद एक जुलाई से फूलों की घाटी को खोलने का निर्णय लिया गया है। वहीं आज गुरुवार को पहले दिन एक भी पर्यटक घाटी में नहीं पहुंचा। घाटी में आने वाले पर्यटकों को कोविड निगेटिव रिपोर्ट लानी अनिवार्य होगी। बीते साल कोविड के चलते घाटी को एक अगस्त को खोला गया था, लेकिन इस साल घाटी को एक महीने पहले ही खोला जा रहा है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के उपवन संरक्षक नंदा बल्लभ शर्मा ने बताया कि बीते दिनों वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने तीन दिनों तक घाटी का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। घाटी में जाने वाले पैदल रास्ते और पुलिया की मरम्मत की जा चुकी है। साथ ही पौलीगोनम घास को उखाड़ने का काम भी इन दिनों चल रहा है। घाटी का जायजा लेने के लिए नंदादेवी बायोस्फेयर के प्रभावी निदेशक व वन संरक्षक अमित कंवर और नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के उप वन संरक्षक नंदा बल्लभ शर्मा टीम के साथ गए थे और मंगलवार को लौटे। इसके बाद घाटी को खोलने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि घाटी को सैलानियों के लिए खोलने की पूरी तैयारी कर ली गई है। घांघरिया चौकी से वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन भारती हरी झंडी दिखाकर घाटी में सैलानियों के जाने की शुरुआत करेंगे। 
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फूलों की घाटी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
डीएफओ नंदा बल्लभ शर्मा ने बताया कि घाटी में आने वालों को कोविड नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। दूसरे राज्यों के पर्यटक भी कोविड नियमों का पालन करते हुए आ सकते हैं। बर्फ से लकदक पहाड़ों के बीच स्थित फूलों की घाटी में रंगे-बिरंगे फूल खिलने लगे हैं। घाटी में चारों ओर हरियाली है।
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फूलों की घाटी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
अभी यहां पर करीब 50 तरह की प्रजाति के फूल खिले हुए हैं, जबकि जुलाई खत्म होने और अगस्त के बीच में करीब 300 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं। इन दिनों यहां जापान का राष्ट्रीय पुष्प ब्लू पॉपी, फ्रीटीलारिया, हिमालियन स्लीपर, हत्था जड़ी समेत कई प्रजातियों के फूल खिले हुए हैं। यह फूलों की घाटी 87.50 वर्ग फुट क्षेत्र में फैली है। यहां जुलाई से अगस्त के बीच का समय घूमने के लिए सबसे अच्छा होता है।

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फूलों की घाटी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
बीते साल एक अगस्त को घाटी में पर्यटकों को जाने की अनुमति मिली थी और घाटी में 942 पर्यटक घाटी में पहुंचे थे। वहीं अक्तूबर माह में यह घाटी बंद कर दी जाती है। ऋषिकेश से 271 किमी बदरीनाथ हाईवे पर गोविंदघाट पहुंचकर यहां से फूलों की घाटी की यात्रा शुरू होती है। पर्यटकों को घाटी के बेसकैंप घांघरिया तक 14 किमी पैदल दूरी तय करना पड़ता है।
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फूलों की घाटी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
घांघरिया से दो पैदल रास्ते गुजरते हैं। एक रास्ता फूलों की घाटी तो दूसरा रास्ता हेमकुंड साहिब के लिए जाता है। फूलों की घाटी में प्रवेश के लिए नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन से अनुमति ली जाती है और शुल्क जमा कराया जाता है। घाटी में दोपहर तक ही जाने की अनुमति मिलती है और घाटी में ठहरने की कोई व्यवस्था न होने के कारण दोपहर बाद वापस बैस कैंप घांघरिया आना आवश्यक है।
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