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Sidhu Moosewala: सोनीपत में हत्या करने के बाद देहरादून में छिपा था प्रियव्रत, कई महीने तक किराए के मकान में रहा शूटर

Wed, 22 Jun 2022 01:30 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून

सार

सिद्धू मूसेवाला के हत्याकांड में शामिल रहा शूटर प्रियव्रत उर्फ फौजी वारदात को अंजाम देने से पहले देहरादून में रहा था। उसका नाम पिछले साल सोनीपत में एक हत्या में आया था। प्रियव्रत को दिल्ली पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार किया है। 
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प्रियव्रत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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 सिद्धू मूसेवाला की हत्या के आरोप में गुजरात से गिरफ्तार शूटर प्रियव्रत उर्फ फौजी ने कई महीनों तक देहरादून में शरण ली थी। सोनीपत (हरियाणा) में एक हत्या के बाद उसने छिपने के लिए दून को ठिकाना बनाया था। पुलिस के मुताबिक अप्रैल में यहां से चला गया और 29 मई को उसने पंजाब के मनसा में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

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पिछले दिनों पंजाब पुलिस एक शूटर की तलाश के सिलसिले में देहरादून पहुंची थी। पता चला था कि सिद्धू मूसेवाला के हत्याकांड में शामिल रहा शूटर वारदात को अंजाम देने से पहले देहरादून में रहा था। अब दो शूटरों को दिल्ली पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार किया है। इनमें हरियाणा निवासी प्रियव्रत उर्फ फौजी को मुख्य शूटर बताया जा रहा है।

पुलिस के अधिकारिक सूत्रों की माने तो दून में रहने वाला शूटर भी फौजी ही है। उसका नाम पिछले साल सोनीपत में एक हत्या में आया था। उसके साथ चार युवक और भी थे। वह कई महीनों तक यहां किराए पर रहा था। मकान मालिक से इस बारे में पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वह अप्रैल में यहां से चला गया था। पांचों युवक दिनभर मकान में ही रहते थे और कभी कभार ही बाहर निकलते थे। उनकी संदिग्ध गतिविधियों को लेकर कई बार उन्हें जाने के लिए भी कहा गया था। हालांकि, अप्रैल में वह बिना बताए यहां से चला गया। 
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दून में रची साजिश इसका कोई साक्ष्य नहीं 
प्रियव्रत उर्फ फौजी देहरादून में रहा जरूर था, लेकिन उसने या उसके साथियों ने दून में रहकर मूसेवाला की हत्या की साजिश रची, इसकी पुष्टी नहीं हो सकी है। पंजाब पुलिस के साथ एसटीएफ ने भी इस मसले में पड़ताल की थी, लेकिन इसका पता नहीं चला। बताया जा रहा है कि जो युवक उसके साथ यहां ठहरे थे वह मूसेवाला की हत्या में शामिल नहीं हैं। हालांकि, अभी प्रियव्रत दिल्ली पुलिस के कब्जे में है। ऐसे में जब पंजाब पुलिस को सौंपा जाएगा इसके बाद ही यहां फिर से पड़ताल की जा सकती है।

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