नैनीताल के 15 वर्षीय रवि ने अपने नाम के अनुरूप नई रोशनी दी है। उसने जूते में चार्जेबल सेल लगाकर अनोखी तकनीक ईजाद की है।
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इस सेल से न सिर्फ मोबाइल चार्ज किया जा रहा है, बल्कि बल्ब भी जल रहा है। रवि ने जूते में डायनमो लगाकर यह विधि खोजी है। खास बात यह है कि इस तकनीक में मात्र 500 रुपए का खर्च आएगा।
एक माह के परिश्रम के बाद मिली सफलता
राजकीय इंटर कॉलेज नैनीताल में इंटर के छात्र रवि टम्टा ने बताया कि एक माह के परिश्रम के बाद वह ऐसा जूता बनाने में सफल रहा, जिसे पहनकर चलने से पैदा होने वाली ऊर्जा को विद्युत तरंगों में परिवर्तित कर बैटरी को चार्ज किया जा सकता है।
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इसके लिए उसने जूते में डायनमो और पुशिंग यंत्र लगाया, जिन्हें एक चार्जेबल सेल से जोड़ा गया है। इस जूते को पहनकर चलने के दौरान बनने वाले दबाव से पुशिंग मशीन की पिन दबने से उसमें लगी गरारी घूमती है, जो ऊर्जा को विद्युत तरंगों में परिवर्तित कर सेल को चार्ज कर देती है।
पिता से मिली प्रेरणा
रवि के अनुसार इस सेल के जरिए बल्ब भी जलाया जा सकता है और मोबाइल भी चार्ज किया जा सकता है। मूल रूप से अल्मोड़ा निवासी रवि चिड़ियाघर रोड स्थित पढ़ालनी निवास में किराए के मकान में रहता है।
गैरेज में ही किए कई शोध
उसके पिता हरीश टम्टा का काफलीखान जिला अल्मोड़ा में टम्टा ऑटो मोबाइल इंजीनियिरिंग वर्क्स के नाम से गैरेज है। रवि ने उनसे प्रेरणा लेकर कई शोध गैरेज में ही किए हैं।
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रवि के अनुसार वह वाहनों को एक्सीडेंट से बचाने पर भी शोध कर रहा है। कामयाबी मिली तो उसकी तकनीक के जरिए एक्सीडेंट से पहले ही चेतावनी मिल जाएगी। यह शोध जल्द पूरा होने वाला है।