शुक्रवार को श्रावण शिवरात्रि है। इस मौके पर गुरुवार रात बारह बजे से ही भक्त शिवालयों में जुटने लगे।
मंदिरों में जलाभिषेक करने पहुंचे भक्त
‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगाते भक्त मंदिरों में जलाभिषेक करने पहुंचे। इनमें कांवड़ियों के साथ आम श्रद्घालु भी रहे। यह क्रम आज यानी शुक्रवार पूरे दिन चलेगा।
शिवरात्रि के मौके पर मंदिर प्रबंधनों ने विशेष इंतजाम और सुविधाएं रखी हैं। गढ़ी-कैंट स्थित टपकेश्वर मंदिर में रात बारह बजे ही कपाट श्रद्घालुओं के लिए खोल दिए गए थे।
सुबह चार बजे बाबा का रुद्राभिषेक और विशेष आरती का कार्यक्रम था। मंदिर के स्वामी कृष्णा गिरी ने बताया कि कांवड़ियों के लिए सीधे प्रवेश है। वहीं 1200 कांवड़ियों के लिए भोजन की व्यवस्था है। संख्या बढ़ने पर इंतजाम बढ़ा दिए जाएंगे।
श्री पृथ्वीनाथ मंदिर में सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही कांवड़ियों के लिए अलग रास्ता है।
मंदिर सेवादार संजय गर्ग ने बताया कि कांवड़िए पीछे के रास्ते से आएंगे। वापसी भी यहीं से होगी। फूल, पत्तियों से भोले का विशेष श्रृंगार किया जाएगा।
डाकरा स्थित श्री नागेश्वर मंदिर में सुबह चार बजे श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोलने का कार्यक्रम था। मंदिर महंत विश्वनाथ योगी ने बताया कि शिवरात्रि पर जल चढ़ाने के साथ श्रद्धालु शिवपुराण कथा भी सुन सकेंगे।
रातभर मंदिर में रहेंगे सेवादार
शिवरात्रि में विशेष व्यवस्था के लिए टपकेश्वर मंदिर से जुड़े श्रद्धालु रातभर मंदिर में रहेंगे। वे कांवड़ियों से जुड़ी व्यवस्थाओं का खास ध्यान रखेंगे। सेवादार मनमोहन जायसवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को मंदिर की सफाई की गई है।
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