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शेरवुड प्रकरण में प्रिंसिपल अमनदीप को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के दिए आदेश

Sat, 20 Feb 2021 12:07 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
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Supreme Court - फोटो : पीटीआई
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सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल के प्रतिष्ठित शेरवुड कॉलेज के प्रबंधन और स्वामित्व विवाद में  निचली अदालत का फैसला आने तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश  दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत नौ माह के भीतर इस मामले में निर्णय ले। यदि नौ माह में फैसला नहीं आता तो वादी फिर से सुप्रीम कोर्ट आ सकते हैं। इस फैसले से शेरवुड के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू को बड़ी राहत मिली है। अब वे मामले के निस्तारण तक प्रधानाचार्य बने रह सकेंगे।  

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मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रोहिंगटन फाली नरीमन और बीआर गवई की पीठ  में हुई। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि हाईकोर्ट की ओर से किए गए विचार और कथन से प्रभावित हुए बगैर निचली अदालत गुण दोष के आधार पर मामले का निस्तारण करे।

शेरवुड डायसिस कॉलेज सोसायटी के चेयरमैन, डायसिस ऑफ आगरा के बिशप और चर्च ऑफ नार्थ इंडिया के चेयरमैन डॉ. पीपी हाबिल के पॉवर ऑफ अटॉर्नी धारक आशीष पॉल हाबिल ने हाईकोर्ट में 25 मई 2018 के आदेश को संशोधित करने का आवेदन किया था। उनका कहना था कि इस मामले में सिविल जज-सीनियर डिविजन नैनीताल की अदालत में सिविल मामले चल रहे हैं और कॉलेज प्रबंधन का विवाद अभी विचाराधीन है।
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इसमें शेरवुड डायसिस सोसाइटी कॉलेज नाम से डिप्टी रजिस्ट्रार चिट फंड कार्यालय में पंजीयन विवाद भी शामिल है। याचिका में डिप्टी रजिस्ट्रार चिट फंड हल्द्वानी के अलावा अमनदीप संधू को प्रतिवादी बनाया गया है। अन्य प्रतिवादियों में शेरवुड कॉलेज सोसाइटी नैनीताल, जिसके सचिव अमनदीप संधू हैं, जॉन ऑगस्टीन व डायसिस ऑफ लखनऊ, चर्च ऑफ इंडिया, पाकिस्तान, बर्मा, सीलोन के चेयरमैन  के अलावा लखनऊ के विजय मोंटेंडे शामिल हैं। इन सभी पक्षकारों का शेरवुड कॉलेज पर दावा है और यह विवाद निचली अदालत में लंबित है।

इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने उतराखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया था जिसमें हाईकोर्ट ने आगरा डायसिस की ओर से शेरवुड कॉलेज का अंतरिम प्रिंसिपल पीटर एमेन्युअल को बनाने के बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा देने के आदेश दिए थे। इस याचिका में अमनदीप संधू को पक्षकार नहीं बनाया था,जिस कारण सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने का आदेश हाईकोर्ट को दिया था। हाईकोर्ट के 27 जनवरी को जारी आदेश को आगरा डायसिस ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को यह व्यवस्था दी है।

विवाद की शुरुआत से मेरी यही मांग थी : संधू 
शेरवुड कॉलेज के पि्रंसिंपल अमनदीप संधू ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब निचली अदालत में सभी पक्षकारों की सुनवाई हो सकेगी। उन्होंने कहा कि वे शुरू से कह रहे थे कि हाईकोर्ट के 2014 के आदेश के बाद आगरा डायसिस को बैठक कर प्रधानाध्यापक को बदलने का अधिकार ही नहीं था। स्वामित्व का विवाद सेशंस कोर्ट में चल रही है वहीं सारी स्थिति साफ हो सकती है। अब सुप्रीम कोर्ट के  निर्णय से उनकी बात की पुष्टि हो गई है।

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