अब लॉकडाउन के बीच पीड़िता हरिद्वार कैसे पहुंचे? यह पुलिस के सामने यह बड़ा सवाल है। पीड़िता जब तक यहां नहीं पहुंचेगी, तफ्तीश एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकती है। दिक्कत यह भी है कि पीड़िता अगर यहां आ भी जाए तो वह रेड जोन होने के नाते उसे पहले क्वारंटीन कराया जाएगा।
कोर्ट भी बंद है, उसके बयान कैसे होंगे? इसके लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग की मदद लेनी पड़ी तो कैसे ली जाएगी? ऐसे कई सवाल पुलिस के सामने हैं। नगर पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने बताया कि पीड़िता की शिकायत और दिल्ली पुलिस के भेजे गए दस्तावेजों का अध्ययन कर लिया गया है। जल्द अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।