आईआईटी रुड़की ने कोविड-19 का संक्रमण कम करने के उद्देश्य से सामान्य उपयोग की वस्तुओं को सैनिटाइज करने के लिए स्टेरिलाइजेशन सिस्टम विकसित किया है। इस मशीन का उपयोग सामान्य उपयोग की वस्तुएं जैसे इलेक्ट्रानिक गैजेट्स, मोबाइल, घड़ी, वायरलेस गैजेट्स, मेटल और प्लास्टिक के सामान को सैनिटाइज करने के लिए किया जा सकता है।
आईआईटी की ओर से डिजाइन की गई इस मशीन का उपयोग सरकारी और निजी दफ्तरों के अलावा हवाई अड्डों, शैक्षणिक संस्थानों, शॉपिंग मॉल और अन्य जगहों पर भी सामान्य उपयोग की वस्तुओं को सैनिटाइज करने के लिए किया जा सकता है। स्टेरिलाइजेशन सिस्टम का एक नमूना हरिद्वार नगर निगम को सौंप दिया गया है। मशीन में मूविंग सिस्टम वाला एक अल्ट्रा-वायलेट कक्ष है, जहां से वस्तुओं को सैनिटाइज करने के लिए अंदर और बाहर ले जाया जाता है।
लॉकडाउन के 20 दिनों की अवधि में इसका परीक्षण भी किया गया है। इस स्टेरिलाइजेशन सिस्टम को आईआईटी के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग से प्रोफेसर विमल चंद्र श्रीवास्तव और उनके शोध समूह के छात्र नवनीत कुमार, रोहित चौहान और डॉ. स्वाति वर्मा ने डिजाइन किया है। प्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि यह मशीन वस्तुओं को लगातार स्क्रीनिंग करने में सक्षम है। संस्थान निदेशक प्रो. एके चतुर्वेदी ने कहा है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह मशीन वस्तुओं के माध्यम से कोरोना के प्रसार को रोकने में उपयोगी भूमिका निभाएगी। हरिद्वार नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह भंडारी ने संस्थान प्रशासन एवं वैज्ञानिकों का आभार जताया है।